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साजिश : छापा दिखा कर गायब किया डेढ़ करोड़ का सोना-नकदी, सात गिरफ्तार

दो पुलिसकर्मी भी सस्पेंड : - सर्राफ व्यापारी ने खुद ही साथियों के साथ

साजिश :  छापा दिखा कर गायब किया डेढ़ करोड़ का सोना-नकदी, सात गिरफ्तार
हिन्दुस्तान टीम,मेरठFri, 23 Feb 2024 02:20 AM
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मेरठ। देहली गेट पुलिस ने सनसनीखेज साजिश का खुलासा किया है। सर्राफ ने बाजार के व्यापारियों का सोना और नकदी हड़पने के लिए अपनी ही दुकान पर डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी राजस्व खुफिया निदेशालय) का फर्जी छापा दिखाया। इसके बाद दुकान से करीब 1.50 करोड़ रुपये का सोना और नकदी गायब कर दी। पुलिस को अगवा करने और लूट की तहरीर दी गई, जिसके बाद छानबीन शुरू हुई।

पुलिस ने खुलासा किया कि सर्राफ व्यापारी ने सपा नेता व साथियों, नौकरों के साथ मिलकर साजिश बनाई और छापेमारी दिखाई थी। पुलिस ने सोना और नकदी बरामद कर ली है और आरोपी सर्राफ समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सर्राफ की दुकान पर दबिश के नाम पर पहुंचे एक हेड कांस्टेबल और सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है।

देहली गेट सर्राफा बाजार में शारदा रोड ब्रह्मपुरी निवासी सर्राफ दीपांशु जैन की दुकान है। दीपांशु लोगों का सोना रखता है और बाकी कारोबार भी करता है। दीपांशु की ओर से पुलिस को बुधवार शाम सूचना दी गई कि उसकी दुकान पर डीआरआई की टीम बताकर कुछ लोग आए और उसे उठाकर ले गए। ये लोग करीब 1.50 करोड़ रुपये कीमत का सोना और नकदी भी ले गए। बाद में पूछताछ कर छोड़ दिया। सूचना पर देहली गेट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और जांच शुरू की। पता चला कि दीपांशु की दुकान का सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी दबिश देने वाले ले गए। इसके बाद बाजार में कैमरे खंगाले तो पता चला कि दबिश देने तो कोतवाली के हेड कांस्टेबल सुंदर और सिपाही विश्वास आए थे।

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ऐसे जुड़ी कड़ियां

देहली गेट थाने के दरोगा निकलेश रस्तोगी, जितेंद्र कुमार, अभय यादव और कांस्टेबल महेश ने कोतवाली पहुंचकर हेड कांस्टेबल सुंदर और कांस्टेबल विश्वास से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि गौरव नामक युवक ने तहरीर दी थी और बताया कि गौरव व उसके भाई कृष्ण ने दीपांशु पर मारपीट का आरोप लगाया था। पुलिस कृष्ण और गौरव के पास पहुंची तो गौरव ने बताया कि भाई के कहने पर तहरीर दी थी। कृष्ण ने खुलासा कि वह दीपांशु की दुकान पर काम करने वाले रिषभ के पिता दौलत को जानता है और उसी ने तहरीर देने को कहा था। तहरीर दिलाने में समाजवादी व्यापार सभा मेरठ का जिलाध्यक्ष अज्जू नेता ने मदद की थी, चूंकि वह पुलिसकर्मियों को जानता था। इसके बाद अज्जू को भी उठा लिया गया। पुलिस ने दौलत को हिरासत में लिया तो उसने खुलासा किया कि बेटे और दीपांशु ने ही फर्जी दबिश की प्लानिंग की थी, ताकि डीआरआई की दबिश का हल्ला मच जाए और बाजार में इसके बाद कोई उनसे सोना-नकदी न मांगे। इसके बाद ये तीनों मिलकर सोना हड़प जाते। पुलिस ने दीपांशु समेत साजिश में शामिल सात आरोपी गिरफ्तार किए हैं।

दोनों पुलिसकर्मी भी किए गए सस्पेंड

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण तक मामला पहुंचा। पता चला कि कोतवाली में तैनाती के बावजूद दोनों ने देहली गेट इलाके में जाकर दबिश दी। इसके बाद हेड कांस्टेबल सुंदर और कांस्टेबल विश्वास को सस्पेंड कर दिया गया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।

साजिश में हर एक की भूमिका

दीपांशु जैन : दीपांशु सर्राफ है और इसकी नील गली में दुकान है। दीपांशु ने अपने नौकर रिषभ और अकाउंटेंट के साथ मिलकर छापे की साजिश बनाई थी।

रिषभ : दीपांशु का नौकर है और उसने ही पिता से कुछ लोगों को छापे के लिए आने के लिए तैयार किया था।

रजत : दीपांशु का अकाउंटेंट है। छापेमारी के बाद रजत सारा सोना-नकदी और डीवीआर ले जाकर अपने घर रख दिया था।

दौलतराम : रिषभ का पिता है और उसी ने अपने जानकारी कृष्ण से इस संबंध में बातचीत कर पुलिस को तहरीर देने को कहा था।

कृष्ण : कृष्ण ने अज्जू से सेटिंग की और अपने भाई गौरव से मारपीट का आरोप लगाकर दीपांशु के नाम पर तहरीर दी।

गौरव : कृष्ण का छोटा भाई है। कृष्ण के कहने पर गौरव ने तहरीर पर साइन करके दिए थे।

अज्जू : अज्जू समाजवादी व्यापार सभा मेरठ का जिलाध्यक्ष है, उसने ही पुलिसकर्मियों से सेटिंग कर दबिश की प्लानिंग कराई।

हेड कांस्टेबल सुंदर और कांस्टेबल विश्वास : तहरीर लेने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने दीपांशु की दुकान पर दबिश दी थी।

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ये आरोपी हुए गिरफ्तार

1. दीपांशु जैन निवासी शारदा रोड, ब्रह्मपुरी। (मुख्य साजिशकर्ता सर्राफ)

2. रिषभ पुत्र दौलतराम निवासी शिवशंकरपुरी, शारदा रोड। (दीपांशु का नौकर)

3. रजत गुप्ता निवासी नंदननगर, गुप्ता कॉलोनी, टीपीनगर। (दीपांशु का अकाउंटेंट)

4. दौलतराम पुत्र नानक चन्द निवासी शिवशंकरपुरी। (रिषभ के पिता)

5. कृष्ण पुत्र रामानंद निवासी माधवपुरम। (दौलतराम के परिचित)

6. गौरव पुत्र रामानंद निवासी माधवपुरम। (आरोपी कृष्ण का भाई)

7. अज्जू पुत्र विजय शर्मा निवासी ग्रहम कॉलोनी, लोहियानगर। (पुलिस से सेटिंग कराने वाला)

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यह दिखाया बरामद

पुलिस ने रजत के मकान पर बुधवार देररात करीब दो बजे छापा मारा और यहीं से करीब 1.96 किलोग्राम सोना और छह लाख 50 हजार रुपये की नकदी समेत दुकान की डीवीआर बरामद कर ली।

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लूट का मुकदमा दूसरी धारा में तरमीम

शुरुआत में मुकदमा लूट और अपहरण की धारा में दर्ज हुआ था। बाद में मुकदमे को साजिश, लोकसेवक को गलत जानकारी देने, गलत साक्ष्य देने, अपराध को लेकर झूठी सूचना देने, आजीवन कारावास के दोषसिद्ध के लिए झूठे साक्ष्य देने संबंधित धाराओं में तरमीम किया गया।

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