मेरठ : फैसला: यूजी-पीजी प्राइवेट बंद, एआई जांचेंगा कॉपियां
Meerut News - चौ. चरण सिंह विवि ने 2026-27 से UG-PG प्राइवेट पाठ्यक्रम बंद करने का निर्णय लिया है। विवि केवल पहले से पंजीकृत छात्रों की डिग्री पूरी करेगा। नए सत्र में पहले वर्ष में कोई पंजीकरण नहीं होगा। विवि ओडीएल और ऑनलाइन मोड में पाठ्यक्रम शुरू करेगा, और कॉपियों का मूल्यांकन AI द्वारा किया जाएगा।

चौ.चरण सिंह विवि में सत्र 2026-27 से यूजी-पीजी प्राइवेट बंद हो जाएगा। विवि केवल पहले से पंजीकृत छात्र-छात्राओं की ही डिग्री पूरी कराएगा। प्रथम वर्ष में नए सत्र में कोई पंजीकरण नहीं होगा। प्राइवेट के स्थान पर विवि छात्र-छात्राओं को ओडीएल और ऑनलाइन मोड में यूजी-पीजी स्तर पर विभिन्न पाठ्यक्रमों में घर बैठे और नौकरी करते हुए वैध डिग्री हासिल करने का मौका देगा। इसके लिए विवि ने यूजी-पीजी में नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दे दी है। विवि नया प्रयोग करते हुए इसी साल से बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम प्राइवेट और एलएलएम के परीक्षार्थियों की छह लाख से अधिक कॉपियां का मूल्यांकन एआई से कराएगा।
बुधवार को कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई विद्वत परिषद की बैठक में विवि ने इन फैसलों पर मुहर लगा दी। विवि आधिकारिक घोषणा आज कार्यपरिषद की बैठक के बाद कर सकता है।विवादों के बाद प्राइवेट बंद, अब ओडीएल, ऑनलाइन में पढ़ेंगे छात्रविवि का प्रमुख एवं बड़ा फैसला यूजी-पीजी प्राइवेट बंद करने का है। एनईपी लागू होने के बाद नियमानुसार यह पाठ्यक्रम नहीं चलने थे, लेकिन ग्रामीण पृष्ठभूमि का हवाला देकर विवि इसमें पंजीकरण कराता रहा। हाल में सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फेडरेशन यूजी-पीजी प्राइवेट की वैधता को लेकर हाईकोर्ट चली गई। हालांकि इसमें अभी कोई निर्णय नहीं आया है, लेकिन विवि ने बुधवार को आगामी सत्र से यूजी-पीजी प्राइवेट बंद करने का फैसला लेते हुए सभी विवादों पर विराम लगा दिया। विवि प्रशासन के अनुसार नए सत्र से प्रथम वर्ष में कोई पंजीकरण नहीं होगा। केवल द्वितीय एवं अंतिम वर्ष और एक्स, बैक के पहले से पंजीकृत छात्रों की डिग्री पूरी कराई जाएगी। विवि के इस फैसले का छात्र संगठन विरोध कर सकते हैं।एआई जांचेगा इस बार प्राइवेट छात्र-छात्राओं की कॉपियांविवि में बुधवार से शुरू हुई यूजी-पीजी प्राइवेट परीक्षाओं के छात्रों की कॉपियों का मूल्यांकन इस बार एआई से होगा। विद्वत परिषद ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे मंजूरी दे दी है। यूजी-पीजी प्राइवेट के साथ-साथ कैंपस एवं कॉलेजों में एलएलएम की कॉपियां भी एआई से चेक होंगी। विवि इसके लिए नियम तय करेगा। डीएसडब्ल्यू प्रो.भूपेंद्र सिंह को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सीसीएसयू संभवत: प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विवि होगा जहां यूजी-पीजी प्राइवेट के समस्त पाठ्यक्रम एवं रेगुलर में एलएलएम सहित छह लाख से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन पूरी तरह एआई से होगा।
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