एजुकेशन-4
Meerut News - सुभारती विवि के स्वामी विवेकानंद शोधपीठ ने बेलूर मठ का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद, श्री रामकृष्ण परमहंस और मां शारदा देवी की समाधियों का अवलोकन किया। डॉ. मेहरोत्रा ने कहा कि यह भ्रमण नैतिक मूल्यों के विकास में मदद करेगा और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को छात्रों में समाहित करेगा।

विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों का विकास भी जरुरी मेरठ। सुभारती विवि स्थित स्वामी विवेकानंद शोधपीठ ने बेलूर मठ कोलकाता का शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण किया। संयोजिका प्रो.मोनिका मेहरोत्रा के निर्देशन में हुए इस भ्रमण में प्रतिनिधिमंडल ने बेलूर मठ परिसर के विभिन्न ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का अवलोकन किया। इसमें श्री रामकृष्ण परमहंस, मां शारदा देवी एवं स्वामी विवेकानंद की पावन समाधि स्थल शामिल रहे। डॉ.मेहरोत्रा ने कहा कि यह भ्रमण स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को समझने, आत्मसात करने एवं उन्हें समकालीन शैक्षणिक संरचना में समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भ्रमण में प्रसाद महाराज ने कहा कि आधुनिक एवं वैश्विक युग में जब समाज विभिन्न सामाजिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है तब स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं मानवता, सेवा, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
कुलपति प्रो.प्रमोद कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.शल्या राज ने यह पहल छात्रों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं नैतिक आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।-जीवनशैली से जुड़े रोगों की रोकथाम में सहायक है ध्यानमेरठ। सुभारती मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा ’ध्यान के न्यूरोसाइंस एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में इसकी भूमिका’विषय पर वर्कशॉप हुई। शुभारंभ प्राचार्य डॉ.एमके मित्तल, डॉ.सुधीर खेतरपाल, डॉ.दीपक गोयल, डॉ.पवन पराशर, डॉ.राहुल बंसल, डॉ.रानी एवं डॉ.वर्षा चौधरी न किया। दिल्ली के वरिष्ठ न्यूरो-फिजिशियन डॉ.सुधीर खेतरपाल ने समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा एवं शरीर क्रिया विज्ञान को समझाया। हिम्स जॉली ग्रांट देहरादून से डॉ.दीपक गोयल ने ध्यान के प्राचीन दर्शन एवं नींद के न्यूरोसाइंस को साझा किया। सलाहकार डॉ.राहुल बंसल ने कहा कि ध्यान न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है बल्कि यह उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों की रोकथाम में भी सहायक है। डॉ.अंशी ने 15–20 मिनट का ध्यान सत्र कराया। इस दौरान सुभारती विवि के मेडिकल कॉलेज, सुभारती नर्सिंग कॉलेज, महर्षि अरबिंदो सुभारती नेचुरोपैथी एवं योग साइंस, सुभारती बुद्धा कॉलेज सहित मेडिकल कॉलेज, कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज बुलंदशहर, सहारनपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज देहरादून के फैकल्टी एवं विद्यार्थी शामिल रहे। डॉ.पवन पारासर, डॉ.वर्षा चौधरी, डॉ.रिजुल रंजन, सरताज अहमद, डॉ.गीता, डॉ.अंशुल कुमार, डॉ.गोपी रतन, डॉ.प्रज्ञा अग्रवाल सहित भी प्रतिभागी मौजूद रहे।स्वच्छ वातावरण जीवन के अधिकार में शामिलमेरठ। सुभारती लॉ कॉलेज में ‘भारत के पर्यावरण कानूनी शासन में पर्यावरणीय लोकाचार का आकलन’ विषय व्याख्यान हुआ। निदेशक राजेश चंद्र एवं प्रो. रीना बिश्नोई के निर्देशन में हुए इस व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता एनएलयू लखनऊ के कुलपति प्रो.अमरपाल सिंह मौजूद रहे। प्रो.सिंह ने कहा कि पर्यावरण शासन राजनीतिक पारिस्थितिकी और पर्यावरण नीति की एक अवधारणा है जो सभी मानवीय गतिविधियों के प्रबंधन के लिए सतत विकास को प्राथमिकता देता है। सुभारती विवि के कुलपति प्रो.प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि विवि कागज मुक्त कैंपस की तरफ अग्रसर है। निदेशक राजेश चंद्र ने कहा कि भारत में अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का अधिकार शामिल है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे मौलिक अधिकार माना है। डॉ.तारक नाथ प्रसाद, डॉ.आफरीन अलमास, डॉ.सारिका त्यागी, प्रो.प्रेम चंद्रा, शालिनी गोयल, सोनल जैन, अरशद आलम, शिवानी, अनुराग, मुस्कान, आशुतोष देशवाल, हर्षित मौजूद रहे।
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