Hindi NewsUttar-pradesh NewsMeerut NewsCelebrating Sarus Crane Day in Hastinapur Awareness for Conservation
हस्तिनापुर सेंचुरी में दिखे हजारों पक्षी

हस्तिनापुर सेंचुरी में दिखे हजारों पक्षी

संक्षेप:

Meerut News - मेरठ में हस्तिनापुर भीकुंड नमभूमि पर सारस क्रेन दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने सारस के संरक्षण और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। सारस, जो विश्व का सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी है, धीरे-धीरे दुर्लभ होते जा रहे हैं।

Jan 18, 2026 01:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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मेरठ। हस्तिनापुर भीकुंड नमभूमि पर रविवार को सारस क्रेन दिवस मनाया गया। सारस क्रेन दिवस की शुरुआत ग्रीन प्लेनेट वेलफेयर के संस्थापक व वनस्पति विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ यशवंत राय ने की थी। रविवार को यह कार्यक्रम दूसरी बार हस्तिनापुर की नमभूमि पर मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थी, शिक्षक शामिल रहे। डीएन कॉलेज जन्तु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर प्रवीण कुमार ने बताया उत्तर प्रदेश का राज्य पंछी सारस अपने आकर्षण से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। आईपी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुनील कुमार ने बताया कि सारस अधिकतर जोड़े बनाकर रहते हैं। यह अपना आशियाना नमभूमि पर बनाते हैं।

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केजीके कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रदीप कर्णवाल ने बताया विश्व में सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी सारस है। राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की अध्यापिका मोनिका आजाद ने बताया कि सारस दुर्लभ होते जा रहे हैं, जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रमों की बहुत जरूरत है। शाजहांपुर से अध्यापिका सविता ने बताया कि इनके संरक्षण की जरूरत है। मेरठ कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर व ग्रीन प्लेनेट वेलफेयर सचिव डॉ कौशल प्रताप ने बताया कि अधिक से अधिक ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। बदायूं से अध्यापक धर्मवीर ने बताया कि हस्तिनापुर में सारस को हमने लाइव रूप में देखा। अध्यापक बिजेंद्र ने बताया कि हस्तिनापुर में पंछियों का कलरव मनमोहक है। डॉ यशवंत राय ने कहा कि विदेशी पक्षियों के साथ इनका तालमेल हस्तिनापुर नमभूमि पर देखने लायक होता है। कार्यक्रम में डॉ हितेष, शियाने राजा, अपर्णा, शिवि, अरूण कुमार, शिल्पी, करिश्मा, प्रिंस, लोकेश, डॉ उदय प्रताप, डॉ वर्षा त्यागी, डॉ रमेश यादव, यशिका, शुभम, मिथलेश, भूमिका, कृष्ण पाल सिंह रहे।