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मेरठ

सीलिंग का असर: शहर में नहीं पहुंचा 60 हजार लीटर दूध, मारामारी

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Fri, 10 Apr 2020 01:54 AM
सीलिंग का असर: शहर में नहीं पहुंचा 60 हजार लीटर दूध, मारामारी

देहात के इलाकों में सील लगने के बाद शहर में दूध की आपूर्ति प्रभावित हो गई। गुरुवार को शहर में करीब 60 हजार लीटर की सप्लाई कम हो गई। इससे दूध के लिए मारामारी मच गई। वहीं, सप्लाई नहीं होने पर बचे हुए दूध से डेयरी प्लांटों ने पाउडर बनाना शुरू कर दिया है।

शहर में दूध और इससे बने उत्पादों की आपूर्ति करने वाला प्रमुख प्लांट पराग डेयरी है। इसके साथ मदर डेरी का भी कॉन्ट्रैक्ट है। दोनों मिलकर रोजाना शहर में करीब एक लाख 80 हजार लीटर दूध की सप्लाई करते हैं। इसमें एक लाख 60 हजार लीटर पराग डेरी और बाकी सप्लाई मदर डेयरी की तरफ से होती है। गगोल प्लांट से ही गाजियाबाद में भी दूध की सप्लाई की जाती है।

देहात से नहीं हुई सप्लाई

गुरुवार को डेरी से दूसरे दिनों की अपेक्षा 30 हजार लीटर दूध की कम सप्लाई हुई है। माना जाता है कि लगभग इतनी ही आपूर्ति मधुसदून समेत अन्य डेयरियों की प्रभावित हुई है। लिसाड़ी गेट के इलाके सील होने से भी शहर के कई हिस्सों में दूध नहीं पहुंच पाया। इसके अलावा शहर के बाहरी हिस्सों में देहात से आने वाला दूध लोगों तक नहीं पहुंच पाया।

कस्बे में 10 रुपये लीटर बिका

कस्बा खिवाई और मवाना क्षेत्र के जिन हिस्सों को सील किया गया है, वहां से बाहर दूध की सप्लाई रुक गई। इससे कस्बों में दूध का दाम घटकर आधे से भी कम रह गया। 10 रुपये प्रति लीटर दूध बेचे जाने की बातें सामने आईं। पराग डेरी में उपार्चन एवं तकनीकी निवेश प्रबंधक डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि दिन भर में 30 हजार लीटर दूध की कम बिक्री हुई है।

गांव में डेयरियों पर बढ़ा दूध

पराग डेयरी के प्रबंधक डॉ. अतुल गुप्ता बताते हैं कि कई डेयरियों ने दूध खरीदना बंद कर दिया है। गांवों में किसान डेयरी केंद्रों पर पहले से अधिक दूध लेकर आ रहे हैं। इससे पाउडर बनाने का प्लांट शुरू करना पड़ा है। मगर पाउडर की बिक्री नहीं हो पाने के कारण करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

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