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मुश्किलों के बाद भी होनहारों ने किया कमाल

मुश्किलों के बाद भी होनहारों ने किया कमाल

सीबीएसई हाईस्कूल में भी ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिन्होंने मुश्किलों के बाद भी कमाल कर दिखाया है। खास बात तो यह है कि उनके अंक टॉपरों से कुछ ही कम है और कुछ तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने स्कूल भी टॉप किया है। हिन्दुस्तान से ऐसे ही कुछ होनहारों से बातचीत कर उनके जज्बे को जाना है।

हौसलों में उड़ान भर किया स्कूल टॉप

सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल के छात्र मनराज सिंह चड्डा विकलांग हैं। कुछ साल पहले अचानक उनके पैरों में समस्या आ गई, जिसकी वजह से वे व्हील चेयर पर आ गए,लेकिन मनराज सिंह चड्डा ने सीबीएसई के रिजल्ट में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरा स्कूल टॉप किया है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि मेहनत व हिम्मत से आगे बढ़ने वाले सफल होते हैं। मनराज के हिंदी में 100, इंग्लिश 98, साइंस 96, सोशल साइंस 99, आईटी में 99 हैं और आगे 11वीं में उन्होंने पीसीएम लिया है वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनकी माता नवनीत चडडा स्कूल में प्राइमरी विंग की कार्डिनेटर हैं और पिता सुखविंदर सिंह चडडा का मेडिसिन का बिजनेस हैं।

अरूण यादव ने भी किया कमाल

मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल के अरूण यादव दिव्यांग हैं और उन्होंने भी परीक्षा में 84.6 प्रतिशत अंक हासिल कर नाम रोशन कर दिया है। अरूण का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ और जन्म से ही उनका एक हाथ नही है। पर अरूण ने हिम्मत नही हारी और अपनी पढ़ाई जारी रखी। अरूण का सपना साफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। उनकी सफलता पर प्रबंधक राहुल केसरवानी व समस्त स्टाफ को बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

मेहनत व जज्बे ने दिलाई सफलता

सिटी वोकेशनल के छात्र स्पर्श ने भी 96.7 प्रतिशत अंक हासिल कर नाम रोशन कर दिया है। स्पर्श ने शुरुआत से ब्लाइंड है और उन्होंने तभी खुद को कम नही समझा। पूरी मेहनत व दिन रात की पढ़ाई के बाद उन्होंने यह बेहतर मुकाम हासिल कर पूरे परिवार का व स्कूल नाम रोशन कर दिया है। स्पर्श ने बताया कि उन्होंने होम टयूशन ली और लेक्चर भी ऑडियो सुने। साथ ही उनके पिता ममता सहगल व पिता शिव सहगल हैं, जोकि सुनार हैं।

मेहनत कर पाया मुकाम

केएल इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षक संयम कुमार ने भी 91 प्रतिशत अंक हासिल कर नाम रोशन कर दिया है। संयम के पिता पुष्पेंद्र कुमार, जोकि बैंक में गार्ड के पद पर हैं। इससे पहले आर्मी में थे और रिटायर होने के बाद बैंक में कार्यरत हैं। वहीं माता कुशल हैं। संयम ने मेहनत से पढ़ाई कर अपना सभी का नाम रोशन कर दिया है।

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