Meerut News: छात्रों ने समझे फॉर्मा उद्योग में करियर के अवसर
Meerut News: सीसीएसयू कैंपस स्थित चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में एक्यूम्स ग्रुप के एचआर मैनेजर ने छात्रों को फार्मास्युटिकल उद्योग के करियर अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने आवश्यक कौशल और इंटरव्यू की तैयारी पर जोर दिया। इसके अलावा, एमआईटी में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ।

Meerut News: सीसीएसयू कैंपस स्थित चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में बुधवार को एक्यूम्स ग्रुप के एचआर मैनेजर अमित श्रीवास्तव एवं मयंक ने विद्यार्थियों से संवाद किया। एक्यूम्स ग्रुप के प्रतिनिधियों ने छात्र-छात्राओं को फार्मास्युटिकल उद्योग के करियर अवसरों को बताया। अमित श्रीवास्तव ने कहा कि उद्योग में सफलता के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी दक्षता, प्रयोगात्मक अनुभव, समस्या-समाधान क्षमता, संचार कौशल एवं टीमवर्क जैसे कौशल महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इंटरव्यू की तैयारी, जरुरी तकनीकी ज्ञान तथा व्यावहारिक-प्रयोगात्मक अनुभव को समझाया। विद्यार्थियों के औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं एकेडमिक-इंडस्ट्री सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी मंथन हुआ। समन्वयक डॉ.वैशाली पाटिल ने कहा कि उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने एवं कौशल को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। मेघा गुप्ता सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।
नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए शिक्षारंभ
एमआईटी
मेरठ। एमआईटी के एमबीए विभाग में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम शिक्षारंभ हुआ। शुभारंभ तिलक समारोह और द्वितीय वर्ष की छात्रा मानसी कुमारी की सरस्वती वंदना नृत्य प्रस्तुति से हुआ। निदेशक डॉ.केएलए खान ने कहा कि शिक्षा के साथ कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास जरूरी है। सबा हाशमी ने अनुशासन, समर्पण के साथ पढ़ाई को प्रेरित किया। प्राचार्य डॉ.हिमांशु शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ.गौरव शर्मा, डॉ.संजय माथुर और डॉ.अंकुर गोयल, डॉ.रवींद्र कुमार सिंह, सलोनी शर्मा और विदुषी जैन मौजूद रहे।
आईआईएमटी विवि में संस्कृत अध्ययन केंद्र शुरू
आईआईएमटी
मेरठ।
आईआईएमटी विवि स्थित आईआईएमटी आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में हुए संस्कृत सप्ताह में विभिन्न बैच के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। पहले दिन छात्रों ने अपना परिचय और सम्भाषण संस्कृत भाषा में करके संस्कृत भाषा को जीवनोपयोगी सिद्ध किया। छात्रों ने विभिन्न प्रकार के संवादों की प्रस्तुति दी। केन्द्रीय संस्कृत विवि के संस्कृत अध्यापक डॉ.ईशेन्द्र कुमार पाराशर ने रामायण और गीता का पाठ कराया। प्राचार्य डॉ.सुजीत कुमार दलाई, डॉ.नीरज शर्मा, डॉ.अंकित शर्मा, डॉ.आदित्य शर्मा, डॉ.वासवी, डॉ.प्रीती, डॉ.चित्रांशु सक्सैना, डॉ.रिण्टो, डॉ.विकास गोठवाल, डॉ.रुचि, डॉ.अक्षिता चौधरी मौजूद रहे। इस दौरान आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज में संस्कृत अध्ययन केन्द्र का उद्घाटन भी हुआ। निदेशक डॉ.धीरेन्द्र कुमार ने छात्रों को संस्कृत पढ़ने के लिए प्रेरित किया।


