मनुष्य को धर्म से विमुख नहीं होना चाहिए : भाव भूषण महाराज
Meerut News - हस्तिनापुर में कैलाश पर्वत पर 48 दिवसीय भक्तामर पाठ के दूसरे दिन भगवान आदिनाथ का अभिषेक किया गया। 81 परिवारों ने विधान में भाग लिया और भक्ति संगीत, प्रश्न मंच, शास्त्र सभा का आयोजन किया। आचार्य भाव भूषण जी ने धर्म के महत्व पर जोर दिया। इस पूजा में कई जैन परिवारों ने हिस्सा लिया।

हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत पर चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर पाठ के दूसरे दिन सोमवार को मंदिर के मुख्य जिनालय में विराजमान आदिनाथ भगवान का अभिषेक किया। तत्पश्चात 81 परिवारों ने विधान में भाग लेकर पुण्यार्जन किया। कार्यक्रम में नित्य नियम पूजन एवं भक्तामर विधान किया गया। भगवान की शांतिधारा तरूण जैन, हर्ष जैन व स्वर्ण कलश से अभिषेक आरव जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन रूपा जैन ने किया। आचार्य भाव भूषण जी महाराज ने शांतिधारा के बीजाक्षर मंत्र का उच्चारण किया गया। महाराज जी ने कहा कि किसी भी स्थिति में मनुष्य को धर्म से विमुख नहीं होना चाहिए। भक्ति जिस रूप में जिस व्यक्ति द्वारा की जाती है उसके परिणाम उसके जीवन में अवश्य मिलते हैं।
भक्तामर विधान के बाद शाम के समय भगवान की आरती की गई। तत्पश्चात भक्ति संगीत, प्रश्न मंच, शास्त्र सभा की गई। विधान में राजेंद्र जैन, सुमन जैन, सम्यक जैन‚, कुणाल जैन, महेंद्र जैन, वीरेंद्र जैन, एके जैन, जयकुमार जैन, शुभम जैन, नूपुर जैन आदि रहे।
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