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12 दिसंबर, 2019|11:54|IST

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कमिश्नर ने पूछा अनुरक्षण शुल्क का कैसे होता है इस्तेमाल, अफसर नहीं दे सके जवाब

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कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने शुक्रवार को एमडीए में ई-नीलामी का शुभारंभ करने के बाद एमडीए का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रवर्तन, नियोजन, मानचित्र समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेंटेनेंस शुल्क को लेकर अफसरों से जानकारी मांगी, जिस पर नोडल अफसर निरुत्तर हो गए। वे कमिश्नर के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। कमिश्नर ने उनसे पूछा कि मेंटेनेंस शुल्क किस मद में प्राप्त होता है और इसे किस तरह से विभिन्न योजनाओं में खर्च किया जाता है और प्राधिकरण की आय में इसकी कहां गिनती होती है। इसका जवाब चारों जोन के जोनल अफसर नहीं दे पाए। इस पर कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने 30 सितंबर तक का समय देते हुए चेतावनी दी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा शासन को उनके खिलाफ लिखा जाएगा।

शुक्रवार को एमडीए में ई-नीलामी प्रक्रिया का कमिश्नर ने शुभारम्भ किया। आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने प्राधिकरण परिसर का चप्पे-चप्पे पर पहुंच कर घंटों निरीक्षण किया। कमिश्नर ने कर्मचारियों से जानकारी हासिल की वहीं कार्यालय में बैठे लोंगो की समस्याओं को भी जाना और उनकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण करने का आदेश दिया। परिसर में गंदगी व खराब सामान को भी हटाने के निर्देश दिये। इस निरीक्षण से इंजीनियर व कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया और सभी अपनी सीट पर मुस्तैदी से डटे रहे। निरीक्षण के दौरान डीएम अनिल ढींगरा, एमडीए वीसी राजेश कुमार पाण्डेय, सचिव प्रवीण अग्रवाल भी मौजूद रही।

अधिकारियों, कर्मचारियों को श्रमदान की नसीहत

कमिश्नर ने जोनल इंजीनियर धीरज सिंह के कार्यालय के अलावा गैलरी, परिसर, पोर्च रूम आदि का निरीक्षण किया। जहां पर गंदगी मिलने पर उन्होंने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। कमिश्नर ने कहा कि सप्ताह में एक दिन वह कार्यालय में श्रमदान के लिए अवश्य निकालें। इस श्रमदान के जरिए वह कार्यालय में सफाई करें। उन्होंने आम लोगों की फरियाद भी सुनी। निरीक्षण के दौरान चीफ टाउन प्लानर मोहम्मद इश्तियाक के उपस्थित न होने पर कारण जाना तो पता लगा कि वह लखनऊ मीटिंग में गए हुए हैं जिसके बाद उन्होंने सहायक टाउन प्लानर गोर्की से लंबित मामलों के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि 176 मामले लंबित हैं।

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