DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आर्मी मेला: हथियारों को करीब से देख बच्चों में भरा जोश

आर्मी मेला: हथियारों को करीब से देख बच्चों में भरा जोश

सेना के जांबाजों ने 73वें स्वतंत्रता दिवस को खास बनाने के लिए एक नई पहल की। आधुनिक हथियारों को डिस्प्ले कर आम लोगों एवं स्कूलों के छात्रों को सेना को नजदीक से समझने एवं जानने का मौका दिया। वहीं, सेना के हथियारों और युद्ध की जानकारी मिलने के बच्चों में भी सेना में भर्ती होने का जज्बा दिखाई दिया।

मेरठ कैंट स्थित आरवीसी के परेड ग्राउंड में सेना के चार्जिंग रैम डिविजन की ओर से स्कूली छात्र-छात्राओं पर फोकस करते हुए 'अपनी सेना को जानें' मेले का आयोजन हुआ। मेले का शुभारंभ 22 डिव के जीओसी मेजर जनरल राजीव थापर ने गुब्बारों को उड़ाकर किया। इस दौरान हर किसी को सेना को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला। साथ ही बच्चे हथियारों को नजदीक से देखने के लिए बेहद उत्सुक दिखाई दिए। हर एक चीज समझने के बाद छात्रों ने सेना के जवानों से सवाल-जवाब भी किए।

आपने सेना के वीर जवानों के साहस और शौर्य की अनेक गाथाएं सुनी होंगी, लेकिन क्या आपने कभी इन सैनिकों के हथियारों को अपने हाथों में लिया है। जी हां सेना के जवानों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके को खास बनाने के लिए एक नई पहल करते हुए मेरठ के आरवीसी ग्राउंड में अपनी सेना को जानें मेला लगाकर हर स्कूल के छात्रों एवं उनके शिक्षकों को सेना को नजदीक से देखने और जानने का मौका प्रदान किया। सेना के जवानों के साथ ही स्कूली बच्चों, शिक्षकों में गजब का जोश दिखा।

मेले में भारतीय सेना की मेरठ इन्फैंट्री बटालियन द्वारा युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक हथियारों को डिस्प्ले किया गया। साथ ही सेना ने पहली बार इन शस्त्रों को देखने, समझने, छूने और हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाने की अनुमति भी दी, ताकि सभी छात्र अपनी सेना के शौर्य को सलाम कर सकें। वहीं, छात्रों में भी सेना में भर्ती होने का जज्बा दिखाई दिया।

जवानों ने छात्रों को रायफल, एके 47, एमपी 4, राकेट लांचर 84 एमएम, मोटर लांचर, पिस्तौल 9 एमएम, एजीएल 30 एमएम, एमएमजी 7.62 एमएम जैसे हथियार दिखाए। साथ ही सेना के जांबाजों ने छात्रों को इन हथियारों की क्षमता के बारे में विस्तार से बताया। जवानों का कहना है कि यहां आने वाले बच्चों में इन हथियारों को देखकर सेना से जुड़ने की ललक दिखाई दी। बच्चों का हौसला और साहस भी बढ़ा। कुल मिलाकर वह इस मेले में आकर देश सेवा के लिए प्रेरित हुए। वहीं, इस आर्मी मेले में ट्रांसलेम एकेडमी इंटरनेशनल, करन पब्लिक स्कूल, मेरठ पब्लिक स्कूल, द एवेन्यू पब्लिक स्कूल, गुरु तेग बहादुर, इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, आईआईएमटी एकेडमी, द अध्ययन स्कूल, केंद्रीय विद्यालय समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कारगिल के शहीदों के बारे में बताया

इस दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में एक कैंप लगाया गया। इसमें सभी स्कूली बच्चों को कारगिल की गाथा सुनाई गई। साथ ही एक-एक जांबाज के बारे में विस्तार से बताया गया। गाथा सुनकर बच्चों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। वहीं, बच्चों में भी देश के लिए कुछ कर दिखाने का जज्बा पैदा हुआ।

बैंड डिसप्ले की हुई प्रस्तुति

इस अवसर पर सेना के बैंड डिसप्ले की प्रस्तुति भी हुई। कार्यक्रम के शुभारंभ में जब मेजर जनरल ने जब गुब्बारे छोड़े तो उसके बाद बैंड डिसप्ले की प्रस्तुति हुई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:army mela in meerut