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डेंगू और स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी

- डेंगू के मिलने वाले मरीजों के क्षेत्रों में कराई गई फॉगिंग, एंटी लार्वा और कंटेनर सर्वे किया- डॉक्टरों को दिए निर्देश-बुखार के लक्षणों को गंभीरता से लेकर करें मरीजों का उपचारमेरठ। कार्यालय संवाददाता स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू और डेंगू से डरा हुआ हैं। सरकारी तथा निजी अस्पतालों की ओपीडी में हर तीसरा मरीज डेंगू, चिकिनगुनिया और स्वाइन फ्लू के लक्षणों का पहुंच रहा हैं। इसको लेकर विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि बुखार के लक्षणों को गंभीरता से लेकर जिन मरीजों में संभव हो इनकी डेंगू, चिकिनगुनिया और स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजें। इनकी रिपोर्ट के आधार पर स्वाइन फ्लू, डेंगू और चिकिनगुनिया के मरीजों की पुष्टि करें। निजी लैब की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज की लैब में कराएं जांच मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की लैब में बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर समेत अन्य जिलों से सैंपल जांच को पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित रोगों से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। चेतावनी दे चुका है डब्लूएचओ स्वास्थ्य विभाग को पहले ही डब्लूएचओ चेतावनी जारी कर चुका है कि इस बार मौसम में बदलाव के चलते डेंगू-3 और 4 वायरस सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते अभी से विभाग डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए गंभीरता से अभियान शुरू कर दे। अगर लार्वा नहीं मरा तो हालात भयानक होंगे। डेंगू क्या है डेंगू फ्लेवी वायरस द्वारा होता है। इसका प्रसार एडीज एजिप्टाई मच्छर द्वारा होता है। एडीज एजिप्टाई मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और यह दिन में काटता है। डेंगू की पुष्टि केवल एलाइजा परीक्षण से हो सकती है। डेंगू का समय पर उपचार न होने पर यह घातक होता है। इस मच्छर के लार्वा जुलाई से बनने शुरू हो जाते हैं। इसके बाद यह अगस्त, सितम्बर और अक्तूबर में एक्टिव होता है। इसके लार्वा को रोकने के लिए अभी से रोकथाम जरुरी हैंइसका ध्यान रखें -कूलर को हफ्ते में एक बार जरुर साफ करें। कूलर में एक चम्मच डीजल, पेट्रोल या मिट्टी का तेल नियमित रूप से डालें। -घर और आसपास पानी एकत्र न होने दें। रुके हुए पानी के स्थानों को मिट्टी से भर दें। - सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने की क्रीम, मेट या रिफल का प्रयोग करें। - दैनिक प्रयोग के पानी को एकत्र करने के बर्तन, पानी की टंकी ढककर रखें। -घर में कबाड़ का सामान जिसमें जल एकत्र हो जाता है इसको खाली कर दें। -पूरी आस्तीन की कमीज, मौजे पहनें। - तेज बुखार होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। डेंगू का शक होने पर एलाइजा टेस्ट जरूर कराएं। लक्षण - ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द - आंखों के पिछले हिस्से में दर्द - बहुत ज्यादा कमजोरी, भूख न लगना और जी मिचलाना, मुंह का स्वाद खराब होना, गले में दर्द होना शुरू हो जाता है - शरीर में चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशज होना बुखार के मरीजों की लगातार घट रही प्लेट्लेटसजिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है उनकी प्लेट्लेटस घट रही है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर डॉ. आभा गुप्ता का कहना है कि प्लेटलेट्स घटने से घबराए नहीं। समान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स तेजी से घटती-बढ़ती हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में हजारों बुखार के मरीज इलाज करा रहे हैं। डेंगू वाले मरीजों के क्षेत्रों में पहुंची टीम सीएमओ डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जिले में डेंगू के तीन केसों की पुष्टि हुई है। ये मरीज एलआईसी मोदीपुरम, जीआरवी कॉलोनी और काशी गांव के हैं। मलेरिया की टीम इन इलाकों में पहुंची और फॉगिंग की। साथ ही एंटी लार्वा और कंट्रेनर सर्वे किया। इस इलाके में बुखार के मरीजों की सैंपलिंग भी की गई। छह टीमें बनाई गई जो इन इलाकों में पहुंचकर एंटी लार्वा दवा का स्प्रे करेगी। साथ ही बुखार के मरीजों के रक्त की स्लाइड भी एकत्र करेगी।

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