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मौसम की खराबी बना था बीएसए दफ्तर से बीआरसी पर पुस्तक नहीं जाने की वजह

मौसम की खराबी बना था बीएसए दफ्तर से बीआरसी पर पुस्तक नहीं जाने की वजह

- तीन दिन पहले सीडीओ की कार्रवाई के बाद पेश की गई सफाई, कहा 21 जुलाई को आई थी 24 टाइटल की पुस्तकें

मेरठ। हमारे संवाददाता

शनिवार को सीडीओ के निरीक्षण के दौरान बीएसए दफ्तर में हजारों पाठ्यपुस्तकों का ढेर मिलने के मामले में सफाई पेश की गई है। इस बाबत मौसम की खराबी के कारण किताबें दफ्तर में रुक जाने की बात कही गई है। जिससे स्कूलों में पुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया था।

सीडीओ आर्यिका अखौरी ने बीएसए दफ्तर का निरीक्षण किया था। इस दौरान हजारों की संख्या में पाठ्यपुस्तक दफ्तर में जमा रहने पर नाराजगी जताई थी। इसके पीछे कहा था कि स्कूलों में पुस्तकें भेजने की बजाए दफ्तर में रख ली गई हैं। इसमें बीएसए को चेतावनी दी थी और पुस्तकों का कार्य दे रहे कर्मचारी भारत भूषण पर प्रतिकूल प्रविष्ठि दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में बीएसए की तरफ से कहा गया है कि 21 जुलाई को तीन ट्रकों से 24 टाइटल की पुस्तकें आई थी। मौसम की खराबी के कारण भेजने में देरी हुई है। उधर, भारत भूषण ने बताया कि पुस्तकें आने के बाद बीआरसी को फोन करके किताबें ले जाने के लिए कहा गया था। इस पर बीआरसी की तरफ से मौसम की खराबी बताकर लेटलतीफी बताई जाती रही। फिर बारिश भी तेज हो गई। यह बात भी है कि बीआरसी पर पुस्तकों को बारिश से बचाने का कोई पुख्ता इंतजाम भी नहीं होता। इसलिए भीगने पर खराब होने का खतरा बताया जाता है।

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दीपक शर्मा

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