
मां की हत्याकर बेटी का अपहरण; मेरठ डीआईजी का दावा- जातीय संघर्ष कर फिजां खराब करना था मंशूबा
मेरठ में मां की हत्याकर बेटी का अपहरण करने के बाद हुए हंगामे को लेकर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने दावा किया है कि जातीय संघर्ष कर फिजां को खराब असामाजिक तत्वों का मंशूबा था। घटना के बाद सपा-बसपा और आसपा ने हंगामा किया था। हालांकि डीआईजी ने किसी दल का नाम नहीं लिया है।
मेरठ के कपसाड़ में मां की हत्याकर बेटी का अपहरण करने के बाद हुए हंगामे को लेकर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुलासा किया है कि इस कांड की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व फिजां खराब कराना और संघर्ष कराना चाहते थे। घटना को जातीय रंग देने और विवाद को तूल देने का प्रयास किया गया था। पुलिस-प्रशासन ने इस साजिश को नाकाम कर दिया और घटना के 60 घंटे बाद ही अपह्ता को बरामद किया है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। कपसड़ां में खौफनाक कांड के बाद सपा-बसपा और सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आसपा ने जमकर हंगामा किया था। तीनों दलों के नेताओं ने कपसड़ा जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने रोका तो धक्कामुक्की और नोकझोंक होती रही थी। इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। हालांकि डीआईजी ने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कपसाड़ में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की वारदात को पुलिस-प्रशासन ने गंभीरता से लिया। घटना के तुरंत बाद दो एसपी समेत 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की 12 टीमों को खुलासे और बरामदगी के लिए लगाया गया था। शासन ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आसपास के सात जिलों और 4 राज्यों में पुलिस की टीम को भेजा गया। 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। वेस्ट यूपी के सभी जिलों की स्वाट टीम की मदद केस में ली गई।
अफसरों ने संभाली स्थिति
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने आसपास के सभी जोन-रेंज अफसरों से संपर्क किया। दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क बनाया गया। डीएम मेरठ डॉ. वीके सिंह और एसएसपी/डीआईजी मेरठ डॉ. विपिन ताडा ने कपसाड़ पहुंचकर स्थिति संभाली। पीड़ित परिवार को सरकार की आर्थिक मदद का चेक भी दिलाया गया। परिजनों ने युवती की बरामदगी के लिए पुलिस को 85 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर रूबी को 60 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी पारस को भी गिरफ्तार कर लिया।
माहौल बिगाड़ने की थी साजिश
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुलासा किया कपसाड़ की अपराधिक घटना को संघर्ष का रूप देने और माहौल बिगाड़ने की साजिश कुछ असामाजिक तत्वों ने की थी। पुलिस-प्रशासन ने इसे नाकाम कर दिया। गांव के लोगों ने भी संयम से काम लिया। डीआईजी ने बताया सरधना पुलिस और विवेचना अधिकारी को साक्ष्य आधार पर सटीक विवेचना का आदेश दिया है। सरधना और कपसाड़ में पूरी तरह से शांति कायम है और फोर्स तैनात है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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