दिल्ली को फिर दहलाने की थी साजिश? पाक आतंकी शहजाद के संपर्क में थे यूपी से गिरफ्तार मामा-भांजा
उत्तर प्रदेश के मेरठ और हापुड़ से पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मामा-भांजे अजीम राणा और आजाद अली को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। आरोपी पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे, जो ISI के लिए काम करता है।

UP News: दिल्ली के मंदिरों की रेकी कर पाकिस्तान वीडियो भेजने वाले दो आरोपियों हापुड़ के अजीम राणा और उसके भांजे मेरठ के आजाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार अजीम राणा पिछले छह माह से पाकिस्तान के आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था। अजीम ने शहजाद भट्टी के कहने पर ही दिल्ली के सनातन धर्म मंदिर की रेकी की और वीडियो बना उसे भेजी थी। शहजाद भट्टी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए भी काम करता है और भारत में कुछ आतंकी हमलों में भी उसकी भूमिका रही है। शहजाद भट्टी ने आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए अंबाला में आरडीएक्स जुटाया था। इसी का दिल्ली विस्फोट में इस्तेमाल किया गया था।
शहजाद भट्टी अजीम से पंजाब जाने को कह रहा था, उसे एक पार्सल कहीं से उठाकर दूसरी जगह डिलीवर करने का टास्क दिया गया था, हालांकि अजीम पंजाब नहीं गया था। अजीम के मोबाइल से एजेंसियों ने काफी डाटा रिकवर कर लिया है। हापुड़ के धौलाना निवासी अजीम राणा को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण मंगलवार को उठाया गया था। एटीएस और आईबी की पूछताछ के बाद उसके भांजे आजाद अली निवासी जेई गांव, थाना भावनपुर मेरठ को भी दबोच लिया गया।
हापुड़ एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि अजीम और उसके भांजे आजाद अली को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कराया किया गया है। उनसे बरामद मोबाइल में संदिग्ध सूचनाएं पाकिस्तान भेजने की पुष्टि हुई है। अजीम के मोबाइल से एटीएस और आईबी ने काफी डाटा रिकवर कर लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अजीम राणा का संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से छह माह पहले हुआ था।
अजीम राणा ने शहजाद भट्टी के कहने पर दिल्ली के सनातन धर्म मंदिर की रेकी की और वीडियो बनाकर उसे भेजी थी। इसके अलावा नोएडा और दिल्ली की कुछ अन्य वीडियो भी साझा की गई थीं। यह काम पूरा होने के बाद शहजाद भट्टी लगातार अजीम को पंजाब जाने और उसका एक काम पूरा करने का टास्क दे रहा था। अजीम को बताया गया कि एक पार्सल पंजाब में एक जगह पहुंचाना है। इस काम के लिए मोटी रकम देने की बात भी मैसेज के द्वारा बताई गई। हालांकि अजीम इस काम को पूरा करने के लिए पंजाब नहीं गया था। टीम को आशंका है कि दिल्ली के मंदिर को निशाना बनाने की साजिश की जा रही थी, इसी लिए इनपुट साझा किया गया है।
शहजाद से बातचीत की वीडियो कॉल रिकार्डिंग मिली
एटीएस और आईबी की कार्रवाई से पहले ही आरोपी ने मोबाइल से कुछ डाटा डिलीट कर दिया था। टीम ने इस डाटा को रिकवर कर लिया है। इनमें से एक वीडियो में शहजाद भट्टी के साथ अजीम राणा और उसका भांजा आजाद अली वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं। इसी वीडियो में दोनों ने शहजाद भट्टी से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर बात करते हुए कहा कि लॉरेंस का कुछ करो भाई, इस लॉरेंस ने आतंक मचा रखा है और बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी। लॉरेंस ने हर शहर में अपना गैंग फैला लिया है।
आजाद ने अजीम से कहा था, ऐसे लोगों से बचकर रहो
आजाद अली के अजीम से व्हाट्सएप पर बातचीत के कुछ मैसेज टीम ने रिकवर किए हैं। इसमें आजाद ने अजीम को समझाया कि शहजाद जैसे लोगों से बचकर रहो। ऐसे लोग सिर्फ इस्तेमाल करते हैं और हमारे लिए ये सब ठीक नहीं है। जांच में इन मैसेज को भी शामिल किया गया है। अजीम राणा से ज्ब्त मोबाइल की जांच अभी जारी है।
अंबाला के आरडीएक्स प्रकरण से जुड़े तार
शहजाद भट्टी ने आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए अंबाला में आरडीएक्स जुटाया था। इस काम के लिए भट्टी ने कुछ युवकों को बरगलाया और बड़ी रकम देने का लालच दिया था। इसी मामले में इनपुट के बाद एसटीएफ ने 14 मार्च 2026 को बराडा सढौरी मार्ग पर तीन आरोपियों अकबर अली निवासी अजमेर, अनस निवासी मेरठ(फिलहाल चंडीगढ़ में किराये का मकान), जगबीर निवासी अंबाला को दो किलो आरडीएक्स के साथ पकड़ा था। सूत्रों की मानें तो इसी दौरान अजीम को भी पंजाब जाने और कुछ आरडीएक्स बताई गई जगह डिलीवर करने का टास्क दिया गया था, लेकिन वो गया नहीं।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


