
यूपी के पांच जिलों में 25 लाख लोगों का कटेगा नाम, मेरठ और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा वोटर
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मेरठ मंडल के विभिन्न जिलों में करीब 25 लाख वोटर का नाम कटना तय है। ये ऐसे मतदाता हैं जिनका गणना फार्म किसी न किसी कारण अब तक जमा नहीं हो सका है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मेरठ मंडल के विभिन्न जिलों में करीब 25 लाख वोटर का नाम कटना तय है। ये ऐसे मतदाता हैं जिनका गणना फार्म किसी न किसी कारण अब तक जमा नहीं हो सका है। इन्हें शिफ्टेड, मृतक अथवा अनुपस्थित मतदाता माना जा रहा है। हालांकि एसआईआर का समय बढ़ने से अब एक बार और परीक्षण का मौका मिल गया है। आधिकारिक रिकार्ड के अनुसार मेरठ मंडल में करीब 25 लाख मतदाताओं का गणना पत्र वापस जमा नहीं हो सका है। उन्हें मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेट अथवा डुप्लीकेट मतदाता मानते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कार्रवाई हो रही है। बीएलओ के माध्यम से इसकी कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ मंडल में सबसे अधिक करीब नौ लाख गाजियाबाद जिले में मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेट अथवा डुप्लीकेट मतदाता माने जा रहे हैं। मेरठ जिले में यह संख्या 6.30 लाख से अधिक है। बागपत जिले में करीब डेढ़ लाख, हापुड़ जिले में ढाई लाख और बुलंदशहर जिले में करीब साढ़े तीन लाख और गौतमबुद्धनगर में करीब तीन लाख हैं। इस तरह छह जिलों में कुल संख्या 25 लाख के करीब हो रही है। अब 26 दिसंबर तक का समय बढ़ने के बाद ऐसे मतदाताओं का एक बार फिर परीक्षण का अवसर मिल गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले 15 दिनों में किसी का गणना फार्म जमा हो जाता है तो फिर उस पर विचार किया जा सकेगा।
2.95 करोड़ मतदाताओं को तलाशेंगे
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि इन बढ़ाए गए 15 दिनों में मुख्यत: तीन कार्य किए जाएंगे। पहला ऐसे 2.95 करोड़ मतदाता जो ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं, उनमें से ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिह्नित कर उनका गणना प्रपत्र भरवाया जाएगा। पांच श्रेणियों में इन 2.95 करोड़ लोगों को बांटा गया है जिसमें 1.27 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जो स्थाई रूप से अपने निवास स्थान से स्थानांतरित हो गए हैं। दूसरी श्रेणी में 46 लाख मृतक मतदाता हैं। तीसरी श्रेणी में 24.50 लाख डुप्लीकेट मतदाता हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट में दो-दो व तीन-तीन बार या इससे अधिक हैं। चौथी श्रेणी में 84.73 लाख अनुपस्थित मतदाता हैं जो मिल नहीं रहे हैं। वहीं पांचवीं जो अन्य की श्रेणी में हैं वह 9.57 लाख मतदाता हैं जिन्होंने विभिन्न कारणों से अपना मतदाता फॉर्म वापस नहीं किया है। अब प्रदेश भर में बनाए गए 1.62 लाख बीएलओ और राजनीतिक दलों के 5.25 लाख बीएलए शुक्रवार को बैठक करेंगे। बूथवार ऐसे मतदाताओं की सूची बीएलओ राजनीतिक दलों के बीएलए से साझा करेंगे और फिर इन्हें ढूंढ़ने का काम शुरू होगा।





