पोस्टमार्टम लायक भी नहीं रहा शव, छह महीने घर में पड़ी रही लाश की गुत्थी अब ऐसे सुलझाएगी पुलिस

Yogesh Yadav मेरठ, प्रमुख संवाददाता
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पिता द्वारा अपनी बेटी के शव को छह महीने तक घर में रखने का सनसनीखेज मामले में मौत का कारण उलझा हुआ है। युवती का शव पोस्टमार्टम के लायक भी नहीं बचा है।

पोस्टमार्टम लायक भी नहीं रहा शव, छह महीने घर में पड़ी रही लाश की गुत्थी अब ऐसे सुलझाएगी पुलिस

UP News: यूपी के मेरठ में छह महीने तक घर में ही युवती का शव पड़े रहने का मामला पुलिस और डॉक्टरों के लिए कठिन चुनौती बना हुआ है। युवती के शरीर के करीब 80 प्रतिशत अंग नष्ट हो चुके थे। इस कारण पोस्टमार्टम के लिए कुछ नहीं बचा और मृत्यु का समय और कारण पता ही नहीं चल सका। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में भी इस बात का उल्लेख किया है और पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी है। ऐसे में पूरा मामला युवती के पिता उदय भानु से पूछताछ और उसके मोबाइल पर पुलिस छानबीन आकर टिक गई है।

सदर बाजार के तेली मोहल्ला में रहने वाली प्रियंका की घर के अंदर ही दर्दनाक मौत हो गई। इससे भी दयनीय स्थिति ये रही कि पिता उदय भानु ने अंतिम संस्कार नहीं किया और लाश के साथ ही मकान में कई माह रहे। लाश की दुर्गंध छिपाने के लिए परफ्यूम छिड़कते रहे। उदय भानु की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह मकान में ही बेटी की लाश को बंद कर दिसंबर में हरिद्वार और देहरादून चले गए। वहां कुछ पंडित से अंतिम संस्कार की जानकारी ली। इस दौरान उदय भानु एक धर्मशाला में रुके थे। बेटी प्रियंका का मोबाइल भी उदय भानु अपने साथ ले गए थे। तीन दिन पहले उदय भानु को कुछ रिश्तेदारों ने बेगम बाग में पकड़ लिया और प्रियंका को लेकर पूछताछ की। इस दौरान प्रियंका की मौत होने और लाश घर के अंदर ही बंद होने का खुलासा हुआ।

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शुक्रवार रात पुलिस ने घर के अंदर से शव बरामद किया था। पुलिस ने इन अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। डॉक्टर ने इस संबंध में रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को दी है। बताया कि प्रियंका के शरीर के 80 प्रतिशत से ज्यादा अंग नष्ट हो चुके हैं। ऐसे में मृत्यु के समय और कारण से संबंधित कोई भी जानकारी मिलना पोस्टमार्टम से संभव नहीं है। प्रियंका के पैर का ही कुछ हिस्सा बाकी था। इतना पुराना शव होने के कारण शरीर के बाकी अंग नष्ट हो गए। यही कारण है कि कुछ भी जानकारी नहीं मिली।

ऐसे में प्रियंका की मौत की कहानी उलझ गई है। पुलिस को न तो प्रियंका की मौत का सही समय पता चला है और न ही कारण स्पष्ट हुआ है। सारी जांच अब प्रियंका के पिता उदय भानु के बयान पर आकर टिक गई है। यही कारण है कि पुलिस अब किसी मनोचिकित्सक से उदय भानु की काउंसलिंग कराएगी ताकि घटनाक्रम स्पष्ट हो सके। पुलिस जानना चाहती है कि उदयभानु की मानसिक स्थिति कैसी है। इसके बाद ही पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।

प्रियंका का मोबाइल खोलेगा वारदात का राज?

मेरठ। पुलिस को लगता है कि प्रियंका की मौत का राज उसके मोबाइल की जांच के बाद खुल सकता है। प्रियंका का मोबाइल उसके पिता उदय भानु के पास बताया गया है और इसे बरामद करने के लिए मेरठ पुलिस की टीम हरिद्वार पहुंची है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो जिस धर्मशाला में उदय भानु रुके थे, वहीं सामान में प्रिंयका का मोबाइल रखा हुआ है। इस मोबाइल फोन की जांच के बाद कुछ बातों से पर्दा उठ सकता है।

फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस प्रियंका का मोबाइल बरामद करने और वहां स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर है। प्रियंका के मोबाइल की जांच के लिए इसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने इस पूरे मामले में मनोचिकित्सक से भी उदय भानु की स्थिति को लेकर जांच कराई गई है और रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो उदय की हालत भी सामान्य नहीं है। ऐसे में केस को लेकर कानूनी राय भी ली जा रही है।

एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार प्रियंका के शरीर का ज्यादातर हिस्सा नष्ट हो चुका था। डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद कुछ भी ज्ञात करना संभव नहीं हुआ। फिलहाल एक टीम को उदय भानु के साथ हरिद्वार भेजा गया है और प्रियंका का मोबाइल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

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Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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