
अहिल्याबाई की मूर्ति हटाने की चर्चा पर सियासी घमासान, मायावती ने कहा- स्थिति साफ करे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने की चर्चाओं को लेकर पैदा हुई स्थिति पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है किमूर्ति को हटाये जाने की खबर ना केवल भारी चर्चाओं में है बल्कि इससे समाज के एक बड़े वर्ग में काफी रोष व आक्रोश भी व्याप्त है।
वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने की खबर ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस घटना को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में रोष और नाराज़गी देखी जा रही है। वहीं विपक्ष भी इसे लेकर सरकार को घेर रहा है। बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि सरकार को अहिल्याबाई की मूर्ति हटाए जाने की चर्चा पर स्थिति साफ करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने की चर्चाओं को लेकर पैदा हुई स्थिति पर सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, 'वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को हटाये जाने की ख़बर ना केवल भारी चर्चाओं में है बल्कि इससे समाज के एक बड़े वर्ग में काफी रोष व आक्रोश भी व्याप्त है। इस अति-दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये ताकि लोगों की आस्था व भावनाएं आहत ना हों।'
भाजपा राज में तोड़े गए सबसे अधिक मंदिर
उधर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में जितने मंदिर देश में तोड़े गये हैं,उतने अब तक किसी राजा के शासनकाल में नहीं तोड़े गये हैं। भाजपा सरकार में पौराणिक मंदिरों को तोड़ा जा रहा है लेकिन हम लोग क्या करें, मीडिया भाजपा के साथ है। अखिलेश ने आगे कहा, 'मैं सैफई, इटावा में एक मंदिर बनवा रहा हूं। भाजपा के लोग उसमें भी टंगड़ी लगा रहे हैं। कुछ न कुछ करते रहते है। भाजपा सरकार ने काशी का बहुत बुरा कर दिया है। अब न क्यूटो बना और न काशी रह गयी। भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। हम सबका लक्ष्य भाजपा को हटाना होना चाहिए।'
मंदिरों को तोड़ने का सफेद झूठ फैला रही है कांग्रेस: योगी
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के विकास में कांग्रेस पर बाधक की भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी कुछ लोगों ने साजिशें रची थीं। यहां तक कि जिन वर्कशॉप में मूर्तियां बनती हैं, वहां से टूटी हुई मूर्तियों के अवशेष लाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए और सफेद झूठ फैलाया गया कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर काशी के मंदिर व मणिकर्णिका घाट को तोड़ने के वायरल वीडियो की सत्यता को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यहां पर पिछले 11 वर्षों में हुए समग्र विकास की परियोजना को बाधित करने के लिए जो साजिशें रची जा रही हैं और जिस प्रकार का दुष्प्रचार किया जा रहा है, इसके बारे में सही तथ्य जनता के सामने आ सकें, इसीलिए मुझे आज यहां पर आना पड़ा।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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