बसपा में आकाश आनंद के ससुर आशोक सिद्धार्थ का कद बढ़ा, मायावती ने सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी
बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में लखनऊ की बैठक में संगठन में फेरबदल के संकेत दिए थे। इसके आधार पर संगठन में बदलाव शुरू कर दिया गया है। आकाश आनंद के ससुर की बसपा में वापसी के बाद कद बढ़ा दिया है। अशोक सिद्धार्थ को केरल, गुजरात, छतीसगढ़ के साथ दिल्ली राज्य का प्रभारी बनाया गया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी के साथ ही देश के अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव तैयारियों में जुट गई हैं। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए संगठन में व्यापक फेरबदल किया है। राज्यों के प्रभारियों के साथ यूपी में मंडलीय कोआर्डिनेटरों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। पार्टी में वापसी के बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को दिल्ली के साथ चार राज्यों का दायित्व देकर उनका कद बढ़ा दिया गया है। यूपी के कोआर्डिनेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे संगठन को मजबूत करने में जुट जाएं और काम न करने वालों के दायित्वों में बदलाव भी किया जाए।
बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में लखनऊ की बैठक में संगठन में फेरबदल के संकेत दिए थे। इसके आधार पर संगठन में बदलाव शुरू कर दिया गया है। आकाश आनंद के ससुर की पार्टी में वापसी के बाद कद बढ़ा दिया है। अशोक सिद्धार्थ को केरल, गुजरात, छतीसगढ़ के साथ दिल्ली राज्य का प्रभारी बनाया गया है। रामजी गौतम को महाराष्ट, राजाराम को माध्य प्रदेश के साथ बिहार व झारखंड और मुकेश अहिरवार को बिहार का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को उत्तराखंड और सुमरत सिंह को राजस्थान का प्रभारी बनाया। नौशाद अली को कानपुर, लखनऊ, आगरा, मेरठ मंडल का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य मंडलों के कोआर्डिनेटरों के दायित्वों में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। खासकर पश्चिमी यूपी के साथ पूर्वांचल के मंडलों में बदलाव किया जाएगा।
पिछले साल अशोक सिद्धार्थ से नाराज हुई थीं मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती पिछले साल यानी 2025 में अशोक सिद्धार्थ से बहुत नाराज हो गई थीं। उन्होंने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। यही नहीं अशोक सिद्धार्थ के दामाद और अपने भतीजे आकाश आनंद को भी पार्टी से निकाल दिया था। कुछ समय तक चली इस नाराजगी के बाद अंतत: पहले आकाश आनंद फिर अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी हुई। फिर धीरे-धीरे दोनों पार्टी में वही पुराना रुतबा वापस मिल गया। बता दें कि अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा सिद्धार्थ से मायावती के भतीजे आकाश आनंद की शादी मार्च 2023 में हुई थी। अशोक सिद्धार्थ बसपा के ऐसे नेताओं में गिने जाते थे जो पर्दे के पीछे रहकर ही काम करते हैं और चर्चाओं से परे रहना जिनकी आदत है।
फिर भी वह मायावती के करीबी नेताओं में थे। वह सरकारी नौकरी छोड़कर सियासत में आए थे। मायावती ने उन्हें एमएलसी बनाया और 2016 में राज्यसभा भी भेजा था। सतीश चंद्र मिश्र के साथ राज्यसभा जाने वाले नेता वही थे। अशोक सिद्धार्थ की पत्नी मायावती के कार्यकाल में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी रह चुकी थीं। आकाश आनंद से बेटी प्रज्ञा सिद्धार्थ की शादी के बाद मायावती से उनकी करीबी रिश्तेदारी में भी तब्दील हो गई। फिर किन्हीं कारणों से 2025 में मायावती उन पर नाराज हो गई थीं। हालांकि यह नाराजगी बहुत दिन तक कायम नहीं रही। पार्टी से निकाले जाने के कुछ समय बाद ही अशोक सिद्धार्थ की वापसी भी हो गई थी।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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