
मौनी अमावस्या आज, संगमनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, 4 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
माघ मेला का तीसरा और सबसे प्रमुख मौनी अमावस्या का महास्नान आज है। इस स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम एक दिन पहले ही संगमनगरी में पहुंच गया। प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि रविवार को स्नान के लिए साढ़े तीन से चार करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे।
माघ मेला का तीसरा और सबसे प्रमुख मौनी अमावस्या का महास्नान आज है। इस स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम एक दिन पहले ही संगमनगरी में पहुंच गया। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो दोपहर बाद काफी बढ़ गया। शाम को तो स्थिति यह हो गई थी कि लग रहा था मानो शनिवार को ही मौनी अमावस्या हो। सिर पर गठरी लादे हुए लोग मेले के भीतर प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि रविवार को स्नान के लिए साढ़े तीन से चार करोड़ श्रद्धालु आएंगे। वहीं, अफसरों का यह भी दावा है कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले शनिवार शाम छह बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है।
शनिवार को दोपहर बाद जब मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस और मेला प्रशासन ने उन प्रतिबंधों को लागू कर दिया, जो भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए हैं। जीटी जवाहर और तिकोनिया चौराहे से ही वाहनों का प्रवेश रोका गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज व एसपी मेला नीरज पांडेय दोपहर 12:30 बजे संगम वॉच टावर पहुंचे और भीड़ का आकलन करते हुए दिखाई दिए। दिनभर संगम पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा और स्नान का क्रम भी जारी रहा। रविवार की भीड़ से बचने के लिए श्रद्धालुओं ने पर्व से एक दिन शनिवार को ही स्नान कर लिया। दोपहर एक बजे पांटून पुल पर इतने श्रद्धालु हो गए थे कि बहुत धीरे-धीरे चलना पड़ रहा था।
पांटून पुल दो से संगम आने और तीन से झूंसी जाने वाले पुलों पर केवल पैदल श्रद्धालु ही दिख रहे थे। संगम अपर मार्ग पर मजिस्ट्रेट के वाहन केवल यह उद्घोषणा करते सुनाई दिए कि कोई भी सड़क पर दुकान न लगाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं से आग्रह किया जा रहा था कि वो बीच सड़क पर न बैठें। कोशिश करें कि आगे निकल जाएं और बहुत अधिक थक गए हो तो सड़क छोड़कर किसी खाली जगह पर किनारे की ओर बैठें, जिससे आवागमन बाधित न हो।
जोनल प्लान को सख्ती से किया लागू
एक दिन पहले ही मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जोनल प्लान को सख्ती से लागू किया गया। प्रयागराज मेला प्राधिकरण दफ्तर में बैठे एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें एडीएम से एक कागज पर हस्ताक्षर कराने झूंसी की ओर जाना था। वो पांटून पुल तीन पर पर पहुंचे तो पुलिस ने यह कहकर रोक दिया कि इस जोन से उस जोन में नहीं जाने देंगे।





