मस्जिद में बच्ची से रेप करने वाले मौलाना को आखिरी सांस तक जेल, ढाई साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

हमीरपुर
Follow us on Google News
share

हमीरपुर में ढाई साल पहले मस्जिद में हुई बच्ची से हैवानियत के मामले में कोर्ट सजा का ऐलान कर दिया है। कोर्ट ने दोषी मौलाना को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा, 11 साल की बच्ची से रेप करने वाले मौलाना को मृत्युपर्यन्त तक जेल में रहना होगा।

delhi high court on defamation

Hamirpur News: यूपी के हमीरपुर में ढाई साल पहले मस्जिद में हुई बच्ची से हैवानियत के मामले में कोर्ट सजा का ऐलान कर दिया है। कोर्ट ने दोषी मौलाना को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा, 11 साल की बच्ची से रेप करने वाले मौलाना को मृत्युपर्यन्त तक जेल में रहना होगा। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने शुक्रवार को दोषी मौलाना को फैसला सुनाते हुए 26 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

बता दें कि ढाई साल पहले कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में उर्दू-अरबी पढ़ने गई बच्ची के साथ मौलाना ने मस्जिद में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के ताऊ ने आरोपी मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि 29 नवंबर 2023 की सुबह 11 वर्षीय बच्ची गांव की मस्जिद में पढ़ने गई थी। गांव के अन्य बच्चे भी मस्जिद में पढ़ने आते थे। घटना वाले दिन मस्जिद के मौलाना मुंतजिर आलम निवासी कोचगढ़ थाना रौटा जिला पूर्णिया (बिहार) ने अन्य बच्चों को घर भेज दिया।

ढाई साल से चल रहा था मुकदमा का ट्रायल

पीड़िता और उसके 10 वर्षीय भाई को वहीं रोक लिया। भाई को बर्तन धोने के काम में लगाकर मौलाना बच्ची को कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर जाकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी मौलाना को गिरफ्तार कर लिया। ढाई साल से मुकदमे का ट्रायल चल रहा था। गवाहों और सबूतों के आधार पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने मौलाना को दुष्कर्म का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले में यह भी कहा गया है कि दोषी को मृत्युपर्यन्त तक जेल में रहना होगा।

फर्रुखाबाद में अपहरण और फिरौती मांगने में दो दोषियों को उम्रकैद

वहीं दूसरी ओर फर्रुखाबाद जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र में नौ साल पहले छात्र का अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित शैलेंद्र सचान ने दो दोषयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जानकारी के अनुसार लउआ नगला गांव के रामसनेही यादव ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया कि उनके घर पर बेटे विनोद कुमार का साला श्यामजी निवासी ठठिया जनपद कन्नौज रहकर पढ़ाई करता था। श्यामजी रोजाना की तरह 16 अगस्त 2017 को सुबह 6:30 बजे अपनी साइकिल से स्कूल गया।

रास्ते में पड़ी मिली थी साइकिल

छुट्टी के बाद दोपहर एक बजे जब वह घर नहीं लौटा तो उसे देखने बघार नाला स्थित स्कूल गए। रास्ते में पेड़ के नीचे सड़क के किनारे श्यामजी की साइकिल पड़ी थी। मगर श्यामजी का कोई अता पता नहीं था। पुलिस ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान ही पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपित अंबेडकरनगर कालोनी फतेहगढ़ के सुशील जाटव और धन्सुआ भोलेपुर के शिवम नागर पकड़े गए। उनके पास से बरामद गाड़ी के अंदर से अपहृत श्यामजी को भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। बचाव पक्ष और अभियोजन की दलीलों, तर्कों, साक्ष्यों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोनों को अपहरण और फिरौती मांगने में आजीवन कारावास की सजा सुना दी।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।