मौलाना कृष्ण को मुस्लिम बता रहे, आप चुप क्यों? पोस्टर लगाकर अखिलेश से बीजेपी ने पूछे सवाल
भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान के बाद लखनऊ में सियासी विवाद तेज हो गया। भाजपा नेता मनीष यादव ने अखिलेश यादव से बयान पर रुख स्पष्ट करने की मांग वाले पोस्टर लगाए, जिन्हें बाद में सपा नेताओं ने फाड़ दिया। इसके बाद भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। राजधानी लखनऊ में इस मुद्दे को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। वीवीआईपी गेस्ट हाउस चौराहे पर लगाए गए पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। भाजपा नेता मनीष यादव ने शहर के प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगवाए, जिनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की गई थी। पोस्टरों में लिखा गया था कि "मौलवी है अखिलेश का पोषित, श्रीकृष्ण हुए मुसलमान, अखिलेश जी मुल्ला मौलवी आराध्य भगवान श्री कृष्ण को मुस्लिम बता रहे आपकी चुप्पी क्यों?" हालांकि बाद में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने ये पोस्टर फाड़ दिए हैं।
मौलाना के श्रीकृष्ण वाले बयान पर घमासान
पूरा विवाद एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी कथित तौर पर भगवान श्रीकृष्ण को मुसलमान बताते हुए उनके पांच वक्त की नमाज पढ़ने का दावा करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो झारखंड में दिए गए एक पुराने भाषण का है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हुआ। वीडियो के प्रसारित होने के बाद कई हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की।
संत समाज में भी भारी नाराजगी
मामले पर संत समाज ने भी नाराजगी व्यक्त की है। कई साधु-संतों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में इस प्रकार की टिप्पणी करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। अयोध्या के संत विष्णु दास ने बयान की निंदा करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करना समाज में तनाव पैदा कर सकता है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी नसीहत दी
वहीं, कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान से खुद को अलग कर लिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को मुसलमान बताना और उनके नमाज पढ़ने का दावा करना न तो ऐतिहासिक तथ्यों से मेल खाता है और न ही धार्मिक दृष्टि से उचित है। उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान और संवेदनशील मुद्दों पर संयमित बयान देने की अपील की है। फिलहाल इस मामले पर सियासत भी तेज हो गई है।


