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5 अगस्त, 2020|3:32|IST

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मऊ में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से नगर मे घुसा पानी

मऊ में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से नगर मे घुसा पानी

नेपाल द्वारा गिरजा बैराज, बनबरसा बैराज व सरयू बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से घाघरा के जलस्तर में उफान आ गया है। घाघरा का जलस्तर खतरा बिन्दु से 60 सेमी ऊपर बह रहा है। जिसे देख तटवर्ती इलाके के लोगों में हाहाकार मचा हुआ है कि कब कहा से कौन बंधा टुटेगा और कौन गांव डूबेगा कहा नहीं जा सकता। घाघरा का जलस्तर रविवार को रिकार्ड 70.50 मीटर पर पहुंच गया। कस्बे के मल्लाह टोला व चमरौटी वार्ड में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। इसे देख मुहल्लेवासियों की नींद हराम हो गयी है।

जलस्तर बढ़ने से से नदी का पूरा दबाव बन्धों पर हो गया है। अगर बन्धा कटा तो चिऊटीडाड़ से लेकर करीब सैकड़ों गांव रामपुर धनौली तक के गांवों में बाढ़ का पानी घुस जायेगा। घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महुला गढवल से लेकर रामपुर धनौली रिंग बन्धों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात हैं। वही रेगूलेटरों पर विशेष सुरक्षा बढ़ाई गयी है। बाढ़ खण्ड आजमगढ़ के एक्सीयन दीपक कुमार ने बताया कि नेपाल द्वारा लगातार पानी छोड़े जाने से घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जिससे नदी का दबाव बन्धों पर आ गया है। वहीं बन्धों के नीचे की करीब हजारों एकड़ फसले किसानों की बाढ़ व बरसात के पानी में डूबकर बर्बाद हो गयी हैं। किसान पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर पहुंच गये हैं। इधर घाघरा का पूरा दबाव मुक्ति धाम पर हो गया है। श्मशान घाट की शव जलाने वाली सभी सीढियां बाढ़ के पानी में डूब गयी हैं। लोग शवों को ऊपर जला रहें हैं। भारत माता मन्दिर खाकी बाबा की कुटी पुरी तरह से नदी के चपेट में है। नदी का पुरी धारा भारत माता से आकर टकरा रही है। घाघरा का जलस्तर सन 98 में 71.25 मीटर तक हो गया था। जिससे भीषण तबाही मची थी। एक बार फिर नदी अपना भयावह रूप अख्तियार कर लिया है जिससे लोगों के रोगटे खड़े हो गये है।

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  • Web Title:Water level in Mau enters water in Ghaghra