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रात में बूंदाबादी से दो डिग्री गिरा पारा पर तपिश बरकरार

पिछले एक माह से गर्मी कहर बरपा रही है और फिलहाल राहत के आसार नहीं दिखाई दे रहे...

रात में बूंदाबादी से दो डिग्री गिरा पारा पर तपिश बरकरार
हिन्दुस्तान टीम,मऊThu, 20 Jun 2024 12:00 AM
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मऊ। पिछले एक माह से गर्मी कहर बरपा रही है और फिलहाल राहत के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार रात में हल्की बूंदाबादी के बाद बुधवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि तपिश बरकरार रही। सुबह से निकली धूप समय के साथ तल्ख होती गई। दोपहर में तेज धूप और लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। आम लोगों के साथ ही पशु-पक्षी भी भीषण गर्मी से परेशान रहे। मंगलवार को अधिक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया था, जो बुधवार को घटकर 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री घटकर 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार को तापमान में गिरावट होने के बाद भी सुबह आठ बजे ही धूप इतनी तेज थी कि शरीर झुलसता नजर आया। घर की छतें तपने लगीं, जिससे सीलिंग फैन गर्म हवा देने लगे। समय के साथ गर्मी और बढ़ती गई। दोपहर दो बजे चिलचिलाती धूप के कारण बाजार से लेकर सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। पेड़ों की छांव में ही लोग खड़े दिखाई दिए। नगर के सहादतपुरा, भीटी, गाजीपुर तिराहा, कलक्ट्रेट मोड़, आजमगढ़ मोड़, मुंशीपुरा, बलिया मोड़ पर पूरी तरह पर सन्नाटा पसरा रहा। धूप में बाहर निकले लोग पसीने से लथपथ नजर आए। धूप से बचने के लिए लोग चेहरे पर गमछा तो युवतियां और महिलाएं स्टॉल एवं दुपट्टे से चेहरा ढंके और काला चश्मा लगाकर सड़क पर जातीं दिखीं, बावजूद धूप से बचाव के सभी प्रयास विफल नजर आ रहे थे। भीषण गर्मी से मवेशी व पशु पक्षी भी व्याकुल हो रहे हैं। वहीं रात में भी लोगों को उमस भरी गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। इन सबके बीच दिन और रात दोनों समय नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती लोगों को रुला रही है। आलम ये है कि गर्मी में पसीने से तर-बतर लोग रात के समय बिजली जाते ही घरों से बाहर निकल आते हैं। वहीं, भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में लू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग नदी, ताल और पोखरों में पूरा दिन बिताने को मजबूर हैं।

पछुआ हवा ने बढ़ाई परेशानी

मऊ। तीखी धूप के बीच बुधवार को 20 किमीप्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलने के साथ अचानक से उमस बढ़ गई। सुबह 8 बजते ही पछुआ हवा का चलना शुरू हुआ तो शाम तक जारी रहा। आग उगलती सूरज की किरणों के चलते सुबह से ही लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसा कर रख दिया। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को थी। हेल्मेट लगाने के बाद भी धूप की तपिश सिर और चेहरा जला दे रही थी। हेल्मेट के आगे लगा कांच गर्म होकर आंखों पर आग की बारिश कर रहा था। शाम चार बजे हवा धीमी होने पर कुछ राहत मिली।

दोपहर में घर से न निकलें

मऊ। सुबह आठ बजे से ही बरस रही आग लोगों के तन बदन को झुलसा रही है। सिर की सिधाई पर सूरज आते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता हैं। बेतहाशा गर्मी से इंसान ही नहीं पशु- पक्षी भी बेहाल हैं। पूरे दिन तेज गर्म हवा का प्रकोप भी दिखा। बढ़ रही इस गर्मी का असर आम लोगों के अलावा जानवरों पर भी पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण जानवर भी अपनी प्यास बुझाने को इधर-उधर भटक रहे हैं। पंखों व कूलर की हवा भी गर्मी से राहत नहीं दिला पा रही हैं। डॉ. बीके यादव बताते हैं कि दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें।

गले को तर करने को ठंडे पानी की रही तलाश

मऊ। तेज धूप में सूख रहे गले को तर करने के लिए जहां वाटर कूलरों पर व हैंडपंपों पर भीड़ लगी रही। वहीं बोतल बंद ठंडे पानी, गन्ने के रस, कोल्ड ड्रिंक बेल के शर्बत,नींबू पानी, शिकंजी, मिल्क शेक, लस्सी की भी खूब बिक्री हुई। जबकि भीषण गर्मी से परेशान युवाओं ने जहां रजबहों व नहरों में छलांग लगाकर गर्मी से निजात का प्रयास करने के साथ तैराकी का आनंद लिया। वहीं मवेशी भी घंटों पानी में डेरा जमाए रहे।

तपते मकानों से बेहाल लोगों का पेड़ों के नीचे डेरा

मऊ। असमान में दहकते सूरज की तपन और लू के थपेड़ों के चलते लोगों को घरों से निकलना तक कठिन दिखा। साथ ही बिजली कटौती उपभोक्ताओं को बेचैन किए रही। लो वोल्टेज और ट्रिपिंग के कारण घरों में लगे पंख कूलर भी महज शोपीस बने हैं, जबकि तेज धूप के चलते तप रहे मकानों से बाहर आकर लोग पेड़ों के नीचे डेरा जमाने को विवश दिखे। इसी तरह गर्मी से बेहाल राहगीर भी सड़क किनारे जहां भी पेड़ दिखे, वहीं वाहन रोककर गर्मी से राहत का प्रयास करते दिखे।

मंगलवार रात शहर में हुई बूंदाबादी

मऊ। शहर में मंगलवार रात दस से पंद्रह मिनट हल्की बूंदाबादी हुई, वहीं ग्रामीण अंचलों में सूखा ही रहा। शहर में रात साढ़े नौ बजे के बाद आसमान में गड़गड़ाहट होनी शुरू हो गई, जिसके कुछ देर बाद ही बूंदाबादी भी शुरू हो गई। लोगों को लगा कि शायद अब गर्मी से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन महज कुछ देर की बूंदाबादी के बाद मौसम साफ हो गया और आसमान में तारे दिखने लगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बूंदाबादी भी नहीं हुई।

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