DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › मऊ › तमसा नदी का कहर, कोल्हाण गांव में घुसा पानी
मऊ

तमसा नदी का कहर, कोल्हाण गांव में घुसा पानी

हिन्दुस्तान टीम,मऊPublished By: Newswrap
Sun, 26 Sep 2021 11:50 PM
एक सप्ताह से तमसा नदी के जलस्तर में हो रही भारी वृद्धि से तटवर्ती निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया...
1 / 2एक सप्ताह से तमसा नदी के जलस्तर में हो रही भारी वृद्धि से तटवर्ती निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया...
एक सप्ताह से तमसा नदी के जलस्तर में हो रही भारी वृद्धि से तटवर्ती निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया...
2 / 2एक सप्ताह से तमसा नदी के जलस्तर में हो रही भारी वृद्धि से तटवर्ती निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया...

मऊ। एक सप्ताह से तमसा नदी के जलस्तर में हो रही भारी वृद्धि से तटवर्ती निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जहां एक तरफ हजारों एकड़ जमीन में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब चुकी है, वही पशुओं के चारे का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। मार्गों पर जलजमाव होने से आने जाने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तट पर बसा कोल्हाण घर के घरों में पानी घुस गया है। लोग शरण लेने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि तमसा इसी तरह बढ़ती रही तो निचले इलाके पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे।

मैदानी इलाकों में हो रही बारिश व पिछले दिनों हुई मूसलधार बारिश का पानी नदी में आने से तेजी से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे मऊ नगर क्षेत अंतर्गत कोल्हाण गांव की आबादी सबसे अधिक प्रभावित है। इस गांव में जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। हाल यह है कि पीड़ित परिवार अपने सामान को लेकर सुरक्षित स्थानों पर निकल गये हैं। नदी में उफान के चलते कोपागंज का मीरपुर, इकौना, कोटवा कोपड़ा, पुराघाट, नौसेमर, जहनियांपुर, परदहा का बैजापुर, कासिमपुर, सहरोज आदि गांवों के निचले इलाकों के खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। अधिशासी अभियंता सिचाई विरेंद्र पासवान ने बताया कि बारिश का पानी नदी में आ रहा है। इसको देखते हुए सभी रेग्युलेटर बंद कर दिए गए हैं। बंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। उधर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से भी लोगों में व्यापक आक्रोश है। अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ित लोगों की सुध लेने के लिए नहीं पहुंचा है। किसानों की खुशहाली की बातें करने वाले नेता एवं जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ितों के परिदृश्य से एकदम गायब हैं। इसी क्रम में उधर मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत वार्ड संख्या 13 आदर्श नगर मोहल्ला में जाने वाले मुख्य रास्ते पर बारिश का पानी भरा हुआ है।

ठैचा ग्राम पंचायत का रेता पुरवा पानी से घिरा

पहसा। ठैचा ग्राम पंचायत का रेता पुरवा चारों तरफ पानी से घिर चुका है। यहां के निवासियों का अपने मूल ग्राम पंचायत एवं विकासखंड मुख्यालय से पूरी तरह संपर्क टूट गया है। वहीं पीपरसाथ ग्राम पंचायत का बहरामपुर पुरवा भी आगोश में आ चुका है। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। नदी के किनारे बना मुक्तिधाम भी पानी से लबालब भर गया है। इसके चलते अंतिम संस्कार करने वालों को भी कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। मऊ-बलिया-गाजीपुर के तटवर्ती लगभग 50 ग्राम पंचायतों के लोग अंतिम संस्कार के लिए तमसा तट के गोदाम घाट पर ही आते हैं। परंतु श्मशान घाट के पानी में डूबने से लोगों को अंतिम संस्कार करने में भी काफी परेशानी हो रही है।

राहत व बचाव कार्य नहीं होने से लोगों में रोष

पहसा। अब तक राहत व बचाव कार्य की बात तो दूर स्थलीय निरीक्षण करने भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। शासन प्रशासन की इस बेरुखी से लोगों में व्यापक आक्रोश है। पीपरसाथ ग्राम पंचायत की प्रधान जसोदा देवी, ठैचा ग्राम पंचायत के प्रधान सुभाष राजभर, कोनिहा ग्राम पंचायत के प्रधान अशोक राजभर, लसरा ग्राम पंचायत की प्रधान गिरिजा देवी ने संबंधित प्रशासन एवं शासन से आग्रह किया है की तमसा की बाढ़ से बेहाल एवं बदहाल लोगों की अविलंब सुधी ले। लोगों के आवागमन के लिए नाव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए । पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाए तथा राहत और बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए।

संबंधित खबरें