पृथ्वी पर गया, बद्रीनाथ, नैमिषारण्य मोझ प्रदायक:राहुल
Mau News - दोहरीघाट(मऊ), हिन्दुस्तान संवाद। ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत कोरौली स्थित सिद्धीदात्री दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित
दोहरीघाट(मऊ), हिन्दुस्तान संवाद। ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत कोरौली स्थित सिद्धीदात्री दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कथा का अर्थ एवं इसके कहने एवं सुनने से पुण्य की कथा वाचक राहुल पांडेय पारासर व्याख्यान किया। बताया कि पृथ्वी पर कुल तीन मोक्ष प्रदायक स्थान हैं। पहला बिहार प्रांत में गया, दूसरा बद्रीनाथ और तीसरा नैमिषारण्य है। जिसमें बद्रीनाथ में केवल जाने से समस्त पितरों का उद्घार हो जाता है। कथा वाचक राहुल पांडेय पारासर ने नैमिषारण्य तीर्थ का महात्म्य बताते हुए कहा कि पृथ्वी पर सबसे पुण्य क्षेत्र नैमिषारण्य ही है। इस तीर्थस्थल पर भगवान द्वारा छोड़ा चक्र गिरा था, जहां पर 88 हजार शौनकादि ऋषियों ने तपस्या किया था।

उन्होंने बताया कि एक बार महर्षियों ने भगवान से कहा हम लोगों को ऐसा स्थान बताइए जहां पर तपस्या करने से हमारी तपस्या भंग न हो तब भगवान ने अपना चक्र छोड़ा और कहा यह चक्र जहां रुकेगा वही सबसे उत्तम तीर्थ स्थल होगा। और तीनों लोकों में घूमते हुए यह चक्र उत्तर प्रदेश के सीतापुर में नैमिषारण्य स्थल पर गिरा अरण्य मतलब जंगल और नैमिष मतलब धुरी होती है।चक्र की धुरी गिरने के कारण इस स्थान का नाम नैमिषारण्य पड़ा जहां तप करने पर सबसे ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। आगे की कथा में बताया कि पितरों की मुक्ति के लिए एकमात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण होता है। कथा श्रवण के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।

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