
मौसम:नहीं खिली धूप, शीतलहर ने छुड़ाई कंपकंपी
Mau News - मऊ जनपद में शनिवार को कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया। दृश्यता 20 मीटर से कम रही, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। सुबह कोहरा छट गया, लेकिन दिन भर धूप नहीं निकली, जिससे ठंड में वृद्धि हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मऊ, संवाददाता। जनपद में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। शनिवार की सुबह गांव से लेकर शहर तक कोहरा और शीतलहर चलने से गलन में इजाफा हो गया। वहीं दृश्यता कई स्थानों पर 20 मीटर से भी कम रह गई। जिससे हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। हालांकि सुबह आठ बजे कोहरा तो छट गया, लेकिन शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और धूप न निकलने से लोग ठंड से बचाव को लेकर लोग तमाम जुगत करते रहे, लेकिन इसके बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
इस बीच सर्द हवा चलने से लोग ठिठुरते नजर आए। उधर, मौसम विभाग ने भी शीतलहर और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा अगले तीन दिनों तक ठंड का असर बने रहने की चेतावनी दी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 21.2 और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आर्द्रता 61 प्रतिशत ,जबकि आधी रात में 97 प्रतिशत रही। जनपद में बीते दो दिन धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली थी। लेकिन, शुक्रवार की रात से ही सर्द हवा चलने लगीं। जिससे रात में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को सुबह से ही कोहरे के साथ शीतलहर चलती रही। कोहरा लगभग आठ बजे छट गया, लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि, सड़क पर कोहरे की चादर नहीं होने की वजह से लोगों ने जरुर मामूली तौर पर राहत ली। लेकिन दिन चढ़ने के बाद भी धूप के दर्शन नहीं हुए। धूप नहीं निकलने की वजह से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा रहा। ऐसे में लगातार बूंदाबांदी और बारिश के आसार बने रहे। लेकिन बारिश तो नहीं हुई, शीतलहर का प्रकोप जस का तस बना रहा। वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों की ओर जाने वाले किसान भी देर से निकले। इधर, दिहाड़ी मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए यह ठंड आर्थिक नुकसान का कारण बनती जा रही है। दिन में चली सर्द हवा से गलन और बढ़ गई। दिन में ठंड के चलते हर कोई परेशान दिखा। बाजारों में भी चहल-पहल कम दिखी। दिन में जो लोग घरों से बाहर निकले वह पूरी तरह से गर्म कपड़े पहनकर ही घरों से बाहर निकलें, लेकिन इसके बाद भी शीतलहर के सितम से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। ठंड से बचाव को लेकर पूरे दिन लोग तमाम जुगत करते रहे। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोग सार्वजनिक या चौराहों आदि स्थानों पर लोग अलाव पर तापते नजर आए। कुछ स्थानों पर अलाव की लकड़ी नहीं पहुंचे ने लोग कूड़ा-कचरा जलाकर तापते दिखे। कुल मिलाकर पहाड़ी इलाकों में हो रही भीषण बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप जस का तस बना हुआ है। सर्द हवा में इस समय किसानों को भी भारी समस्याओं का सामाना करना पड़ रहा है रात में आवारा गौ वंश से रात के समय रखवाली करना बड़ा ही चुनौती भरा कार्य हो गया है। लेकिन मजबूरी में सभी कार्य करने पड़ रहे हैं।

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