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पुलिस के लिए चुनौती बनी आरटीआई कार्यकर्ता हत्याकांड

थाना सरायलखंसी क्षेत्र के बढ़ुवा गोदाम बाजार के पास एक सप्ताह पूर्व आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई दबिश तक ही सीमित होकर रह गया है। नतीजतन हत्याकांड के एक सप्ताह बाद भी आरोपित अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर चल रहे हैं। आरटीआई हत्याकांड अब पुलिस के लिए कड़ी चुनौती बनती जा रही है। वहीं आरटीआई कार्यकर्ता की सरेआम गोली मारकर हुई हत्या से सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों समेत संभ्रांत नागरिकों में काफी आक्रोश है। विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने चेताया है कि अगर पुलिस द्वारा जल्द से जल्द आरटीआई कार्यकर्ता हत्याकांड में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं किया गया तो आरपार का आंदोलन किया जाएगा। बताते चलें कि थाना सरायलखंसी क्षेत्र के बढ़ुवा गोदाम निवासी 50 वर्षीय बालगोविंद सिंह जिले के वरिष्ठ आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता थे, साथ ही साथ वह खेती-किसानी करके परिजनों का भरण-पोषण करते थे। नित्य की एक सप्ताह पूर्व आरटीआई कार्यकर्ता बालगोविंद सिंह पत्नी शीला सिंह के साथ बाजार में आए हुए थे। इस दौरान बढ़ुवा गोदाम स्थित यूनियन बैंक के पास दो बाइक पर सवार आधा दर्जन अज्ञात बदमाशों ने उनके ऊपर कई राउण्ड ताबड़तोड़ फायर करके सरेआम बाजार में हत्या कर दिया था। साथ ही साथ असलहा लहराते हुए बदमाश भाग निकले थे। घटना के बाबत मृतक के परिजनों द्वारा पूर्व ग्राम प्रधान शैलेन्द्र यादव समेत तीन नामजद व आधा दर्जन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस टीम की कार्रवाई सिर्फ दबिश तक ही सीमित होकर रह गया है। घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरटीआई कार्यकर्ता हत्याकांड का मामला पुलिस के लिए काफी कड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही साथ गांव बचाओ मोर्चा के सदस्यों समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने चेताया है कि अगर जल्द से जल्द मामले का पर्दाफाश नहीं किया गया तो आरपार का आंदोलन किया जाएगा।

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  • Web Title:RTI activist murdered for police challenge