चार करोड़ से गौरीशंकर और जानकीघाट का होगा सुंदरीकरण
Mau News - दोहरीघाट की नगर पंचायत में गौरीशंकर और जानकी घाट के विकास कार्यों के लिए शासन ने 4 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। इससे घाटों का सौंदर्यीकरण होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मंत्री एके...
सचिन मिश्रा, मऊ। नगर पंचायत दोहरीघाट की तस्वीर विकास कार्यों की बदौलत धीरे-धीरे ही सही, लेकिन बदलने लगी है। सरयू नदी के कटान में विलीन हो चुके गौरीशंकर और जानकी घाट की सुध शासन ने ली है। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की पहल पर शासन से वंदन योजना के तहत दोनों स्थलों के सुंदरीकरण के लिए चार करोड़ की धनराशि स्वीकृति की गई है, इसको लेकर कस्बावासियों में खुशी की लहर है। अब शासन से हरी झंडी मिलते ही नपं जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराएगी। वर्ष 1988 से ही सरयू नदी का रुख दोहरीघाट कस्बे की ओर बना हुआ है।
इससे गौरीशंकर घाट, जानकीघाट समेत कई धार्मिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक धरोहरें अपना अस्तित्व खो चुकी हैं। प्राचीन मंदिर, रामायण भवन, सत्संग भवन, श्मशान घाट का विश्राम कक्ष का अस्तित्व समाप्त हो चुका है, जबकि कई घाट भी नदी की धारा में विलीन हो चुके है। वर्तमान समय में इन घाटों की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो गई है, जबकि डाला छठ सहित विशेष आयोजनों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। इन घाटों की सौंदर्यीकरण की मांग काफी लंबे समय से चल रही थी। घाटविहीन हो चुके इस पौराणिक नगरी की सुध नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने ली। उन्होंने नपं प्रशासन से दोनों घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। अब शासन की तरफ से वंदन योजना के तहत दोनों घाटों के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी प्रदान कर दी गई है। चार करोड़ की लागत से दोनों घाटों का कायाकल्प किया जाएगा। वहीं, अगर यह परियोजना धरातल पर उतरी तो नगर के विकास में यह मील का पत्थर साबित होगी। कभी दर्जनों घाट इस पौराणिक नगरी में थे लेकिन आज एक भी स्नान घाट नहीं है। सभी घाट नदी को धारा में कटकर विलीन हो चुके हैं। एक मात्र रामघाट ही है जो रेत का घाट है, जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं। उधर, नगर पंचायत प्रशासन अब घाटों के लिए बजट का इंतजार है। नगर विकास विभाग से बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया नगर पलिका शुरू कर देगी। शिवमंदिर का कायाकल्प भी होगा दोहरीघाट कस्बे के गौरीशंकर घाट सरयू नदी के रौद्र रूप से गहरी खाई बन गई है। यहां प्रतिदिन हजारों शवयात्री स्नान करते हैं, लेकिन घाट जीर्णशीर्ण होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। शासन से वंदन योजना के तहत दो करोड़ धनराशि कायाकल्प के लिए स्वीकृत हुए है। इस धनराशि से गौरीशंकर घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां पक्का घाट सहित अन्य कार्य होंगे। साथ ही सरयू नदी की कटान से बचाए गए गौरीशंकर शिव मंदिर का भी कायाकल्प किया जाएगा। मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग, प्रकाश आदि से सुव्यवस्थित किया जाएगा। जानकी घाट पर बनेगा कॉरिडोर अपना मूल अस्तित्व खो चुके जानकी घाट के भी दिन बहुरने वाले हैं। श्री दुर्गा मंदिर जानकी घाट निर्माण एवं संरक्षण के लिए शासन से दो करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। इस धनराशि से श्री दुर्गा मंदिर से जानकी घाट तक कॉरिडोर बनाया जाएगा। साथ ही ग्रीन स्पेस का भी निर्माण कार्य होगा। नगर पंचायत प्रशासन निर्माण कार्य के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की ओर अग्रसर है। टेंडर होने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से श्रद्धालुओं को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि धार्मिक स्थल की सुंदरता और पहचान भी नए स्वरूप में सामने आएगी। रामघाट पर बन रहा पक्का घाट कस्बे के सबसे बड़े रामघाट पर पक्के घाट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यदाई संस्था द्वारा लगभग 60 फीसदी कार्य को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही शेष बचे कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा। रामघाट पर पक्का घाट बनने से अब श्रद्धालुओं को स्नान या पूजा-पाठ करने में सहूलियत मिलेगी। वहीं कस्बे को पक्का घाट भी मिल जाएगा। साथ ही कार्तिक पूर्णिमा मेला भी व्यवस्थित ढंग से लग सकेगा। कस्बेवासियों ने जताई खुशी दोहरीघाट नगर पंचायत के पंकज मध्देशिया, उज्ज्वल जायसवाल, संजय कुमार, अमित, अरविंद, भरत सोनकर, मोहित, विराज आदि लोगों ने खुशी जताई है। और इस कार्य को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि घाटों एवं मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और स्थानीय व्यापार को भी लाभ पहुंचेगा। साथ ही लोगों ने मांग कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण कराए जाए, अगर कहीं से कोई कमी मिले तो सम्बंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो। दोहरीघाट से पुराना रिश्ता : मंत्री दोहरीघाट कस्बे से मेरा पुराना रिश्ता है। दो हरियों की मिलन स्थली के नाम से विख्यात नगर को मूल अवस्था में लाने का प्रयास जारी है। नपं द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर धनराशि स्वीकृत कराया है। जल्द ही अन्य भी कार्यो की स्वीकृति मिल जाएगी। अपना मूल अस्तित्व खो चुकी दोहरीघाट जल्द ही चमकती हुई नजर आएगी। -एके शर्मा, कैबिनेट मंत्री उप्र। बजट मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया शासन से गौरीशंकर जानकी घाट के कायाकल्प के लिए चार करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए जाएंगे। बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -मनोज कुमार, ईओ दोहरीघाट नपं।

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