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उत्पीड़न मामले में बाप-बेटे को सजा

अनुसूचित  जाति और जनजाति निवारण अधिनियम की विशेष अदालत जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद ने घोसी कोतवाली क्षेत्र के दलित उत्पीड़न मामले में बाप व बेटे को दलित के साथ मारपीट करने, गाली देने व उसे पीड़ित करने के मामले में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। न्यायाधीश ने वादिनी को मारपीट कर साधारण चोट पहुंचाने के मामले में 6 माह का कारावास व 500 जुर्माना तथा गाली गुप्ता देने के मामले में एक वर्ष का कारावास 1000 जुर्माना तथा एक अन्य मामले में एक वर्ष का कारावास व1000 जुर्माना की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी द्वारा जुर्माना ना जमा करने की दशा में क्रमशा एक माह तथा दो माह का कारावास भुगतना पड़ेगा। 

घोसी कोतवाली क्षेत्र के बड़रांव निवास सूखा देवी ने 10 जनवरी 2007 को थाने में तहरीर दी की वह बड़ागांव निवासी आरोपी बलीकरण, उल्फा, बाल करण चौहान की कंट्रोल की दुकान पर तेल लेने के लिए 20 अक्टूबर 2006 को गई थी। तो उन्होंने तेल नहीं दिया। पूछने पर आरोपी बाल करण तथा उसके लड़के सूर्यभान उससे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। गाली देने के साथ ही लात मुक्का  से मारपीट के मामले में कुल 6 गवाहों को पेश किया। अभियोजन अधिकारी ने मामले को संदेह से परे साबित कराया। वहीं बचाव पक्ष की तरफ से घटना को बेबुनियाद वह सत्यता से परे बताया गया। न्यायाधीश ने बचाव व अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी बाल करण उर्फ बाल करण तथा सूर्यभान को मारपीट कर साधारण चोट पहुंचाने के मामले में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। 

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  • Web Title:Punishment for father son in harassment case