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30 सितम्बर, 2020|6:15|IST

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सरदार पटेल की जयंती पर पैकेज....

सरदार पटेल की जयंती पर पैकेज....

1 / 2देश के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती जिले के विभिन्न हिस्सों में समारोह पूर्वक मनायी गयी। जयंती पर जनपद के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के...

सरदार पटेल की जयंती पर पैकेज....

2 / 2देश के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती जिले के विभिन्न हिस्सों में समारोह पूर्वक मनायी गयी। जयंती पर जनपद के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के...

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देश के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती जिले के विभिन्न हिस्सों में समारोह पूर्वक मनायी गयी। जयंती पर जनपद के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के अंतर्गत हजारों लोगों ने अपने-अपने नजदीक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज के हर वर्ग के व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं राष्ट्र की एकता, अखण्डता व सुरक्षा की शपथ भी ली।

भारतीय जनता पार्टी मऊ इकाई द्वारा सरदार बल्लभ भाई पटेल की 144 वी जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बलिया मोड़ स्थित सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही सरदार पटेल की प्रतिमा से भीटी स्थित डा.अम्बेडकर की प्रतिमा तक एकता दौड़ का आयोजन किया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय ने कहा कि भारत के भू राजनीतिक एकीकरण में सरदार पटेल का अमूल्य योगदान है। आजादी के बाद बंटवारे के समय भारतीय रियासतों के विलय से स्वतंत्र भारत को नए रूप में गढ़ने वाले पटेल जी सच्चे मायने में लौह पुरुष थे। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और सफल कूटनीति के द्वारा भारत को एक धागे में सफलता पूर्वक पिरोया। घोसी विधायक विजय राजभर ने कहा कि, पटेल जी आजाद भारत के चाणक्य थे। आपके कुशल नेतृत्व, सफल और दूरदर्शी राजनैतिक कौशल के कारण ही आज के अखंड भारत का निर्माण संभव हो सका। जिलाउपाध्यक्ष गनेश सिंह ने कहा कि, सरदार पटेल राष्ट्रवादी व्यक्तित्व के धनी थे, सरदार पटेल के निर्णय दूरगामी एवं अनुशासित प्रवित्ती के होते थे। अपनी मजबूत नेतृत्व कौशल के बल पर ही पटेल जी ने सूझबूझ के साथ 565 रियासतों का एकीकरण किया। जिससे आज के भारत का निर्माण हुआ। इस अवसर पर भरत लाल राही, महामंत्री आनंद प्रताप सिंह, अरिजीत सिंह, अशोक सिंह, आनंद रैकवार, संगीता दिवेदी, सुशील राय, राघवेन्द्र राय शर्मा, राधेश्याम मौर्या, रामप्रवेश राजभर, विनोद गुप्ता, धर्मेन्द्र राय, संदीप उपाध्याय, नूपुर अग्रवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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