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नौतपा के चौथे दिन 44 डिग्री पर पहुंचा पारा

जिले में नौतपा के बीच मौसम का तेवर तल्ख हो चुका है। मंगलवार दोपहर में अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री पर पहुंच गया, जिससे सूरज की तपन...

नौतपा के चौथे दिन 44 डिग्री पर पहुंचा पारा
हिन्दुस्तान टीम,मऊWed, 29 May 2024 12:30 AM
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मऊ। जिले में नौतपा के बीच मौसम का तेवर तल्ख हो चुका है। मंगलवार दोपहर में अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री पर पहुंच गया, जिससे सूरज की तपन झुलसाती हुई महसूस हुई। गर्मी के चलते लोगों के साथ ही पशु-पक्षी भी बेहाल रहे। जरूरी काम से घरों से निकले लोग छतरी लगाकर व सिर और चेहरा ढंककर अपना बचाव करते दिखे। दोपहर के वक्त सबसे व्यस्त रहने वाली सड़कों पर भी लोग नहीं नजर आए।
जिले में तेज धूप के साथ तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार रात में न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री ऊपर पहुंच गया, जिससे बढ़ी गर्मी से लोग पसीने से तरबतर रहे। मंगलवार को सुबह से ही गर्मी अपना असर दिखाने लगी। सूरज निकलने के साथ ही तपन बढ़ती गई। जरूरी काम से घरों से निकले लोग और युवतियां तेज धूप से बचने के लिए छतरी, गमछे एवं दुपट्टे का सहारा लेने को विवश हुए। चिलचिलाती धूप के बीच 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चली, जिसने राहगीरों को झुलसाकर रख दिया। पिछले तीन दिनों से सुबह ही अधिकतम तापमान 33 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच जा रहा है, जो दोपहर होते-होते 40 डिग्री सेल्सियस का पार कर राहगीरों के लिए आफत बन जाता है।

सड़कों में दिखा कर्फ्यू जैसा असर

मऊ। सूर्यदेव के तल्ख तेवर से लोग बेहाल हो गए। दोपहर में सड़कों में ऐसा सन्नाटा था, जैसे कि कोई शहर में कर्फ्यू लग गया हो। बढ़ रही इस गर्मी में लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। इस गर्मी का असर आम लोगों के अलावा जानवरों पर भी पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण जानवर भी अपनी प्यास बुझाने को सड़कों में इधर-उधर भटक रहे हैं। बढ़ती गर्मी से इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल, छाया की तलाश में भटक रहे हैं।

कर्मियों को हो रही परेशानी

मऊ। सरकारी कर्मचारियों को तो गर्मी में पसीने बहाने से निजात नहीं मिली। गैर सरकारी कार्यालयों व संस्थाओं के कर्मचारी गर्मी के चलते ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे। घरों में महिलाओं को दैनिक कामकाज निपटाने में कठिनाई हुई तो वहीं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी कर्मचारियों व मजदूरों का हाल बेहाल था।

खेती-किसानी पर भी असर

मऊ। किसान बहुत मजबूत होता है, लेकिन भीषण गर्मी में किसानों का हौसला भी टूट रहा है। इसलिए भीषण गर्मी से खेती किसानी भी अब प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय तो किसान खेतों में काम कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही धूप बढ़ती है किसानों की हिम्मत भी जवाब देने लग जाती है। पशुओं को चराने वाले पशुपालक भी अब सुबह से ही बकरियों को चराने निकलते हैं और धूप बढ़ते ही वापस लौट जाते हैं।

गर्मी से बचकर रहें : डॉक्टर

मऊ। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. शैलश कुशवाहा ने बताया कि पारा काफी ऊपर पहुंच गया है। यह सेहत के लिए ठीक नहीं है। लोग बचकर रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। फुल कपड़े पहनें। चेहरे को ढंक कर रखें। आंखों पर काले चश्मे का इस्तेमाल करें। सेहत का विशेष ख्याल रखें। कटे, गले फलों का कतई इस्तेमाल न करें। दूषित जल पीने से बचें। गर्मी के मौसमी फल ककड़ी, तरबूज, खीरा, खरबूजा, लीची का प्रयोग करें। बाल रोग के डॉ. सीएस साहनी ने बताया कि गरमी चरम पर है। बच्चों को विशेष ख्याल रखें। उल्टी-दस्त जैसी बीमारी से बचाव के लिए भोजन ताजा खाएं।

11 बजे से हीट वेव ने बरपाया कहर

मऊ। मंगलवार 10.30 बजे जनपद लू के आगोश में रहा। 11 बजे से हीट वेव कहर बरपाती नजर आई। गर्माहट से तच रही सड़कें बदन ढंकने को मजबूर करती थी। बाइक सवार बार-बार अपनी बाइक की हैंडिल से हाथ जेब में रखते दिखे। दोपहर डेढ़ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक चार घंटे तापमान में बढ़ोतरी से पूरा जनपद झुलस गया। मकानों की छतों पर रखी पानी टंकियां उबल उठीं। छत तप उठी। मकान भभक उठे। शाम सूरज की विदाई के बाद भी गर्म हवा देर रात तक सताती रही।

30 तक हीट वेव, हवा की गति बढ़ेगी

मऊ। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा रेमल के कारण जहां कम दबाव का क्षेत्र है वहां तेजी से हवा बह रही है। मरुस्थल से आ रही हवा कहर बरपा रही है। 30 मई तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जानकारी देते हुए कहा हीट वेव लगातार जारी है। इससे खतरा हमेशा रहता है। शरीर को ढककर रखें और पानी पीते रहें। पेट खाली न रहें। कूलर व एसी का उपयोग करें। ठंडे पेय और ठंडी चीजें खाएं। पना, शिकंजी आदि पीएं। साथ ही पशुओं और पक्षियों का भी ध्यान रखें।

तालाबों से पानी नदारद

दोहरीघाट। क्षेत्र के अधिकांश तालाबों से पानी नदारद है। तालाबों में धूल उड़ रही है। इससे छुट्टा पशुओं समेत अन्य जानवरों के सामने पीने के पानी का संकट है। गर्मी का कहर बढ़ने से अस्पतालों में उल्टी-दस्त बुखार पेट दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. फैजान ने बताया कि गर्मी से उल्टी-दस्त बुखार पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को धूप और लू से बचाव की जानकारी के साथ ही सेहत पर ध्यान देने की बात कही।

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