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खेतों में मिट्टी के जैविक घटकों का संपोषण आवश्यक

हिन्दुस्तान टीम,मऊPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 03:21 AM
खेतों में मिट्टी के जैविक घटकों का संपोषण आवश्यक

मऊ। संवाददाता

राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो में मंगलवार से पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। इस कार्यशाला में जनपद के किसानों को सूक्ष्मजीव आधारित जैविक कृषि के प्रसार और उससे जुड़ी बारीकियों के विषय में व्यापक जागरूक किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद से 14 गाँव के कुल 20 युवा किसानों ने प्रतिभाग किया।

ब्यूरो के निदेशक डा.अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि किसान के खेतों में मिट्टी के जैविक घटकों का संपोषण आवश्यक है। जिससे मिट्टी पोषक तत्वों की सतत चक्रीय प्रणाली का पालन करते हुए फसली पौधों को सम्यक मात्रा में न्यूट्रीएंट और मिनरल तत्वों को उपलब्ध करने में सक्षम हो। देश में फसलों की कटाई एवं मड़ाई के बाद उत्पन्न कृषि अवशेषों को इकठ्ठा कर उनमें सूक्ष्मजीवों का प्रयोग करके गुणवत्तापूर्ण कम्पोस्ट में परिवर्तित किया जाय और फिर इसी कम्पोस्ट का गुणवत्ता उन्नयन लाभकारी सूक्ष्मजीवों के संवर्धन द्वारा किया जाय। उसे खेतों में पुन: उपयोग में लाया जा सके। इस तरह से उत्पादित बायो.फोर्टीफाईड गुणवत्तायुक्त कम्पोस्ट का इस्तेमाल किसान भाई अपने खेतों में करके ना सिर्फ खेती में उत्पादन की लागत को कम कर सकते हैं, बल्कि इस कम्पोस्ट को बेच कर अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं। ब्यूरो की प्रधान वैज्ञानिक एवं परियोजना प्रभारी डा.रेनू ने बताया कि किसानों को खेती की समस्याओं को प्रभावी ढंग से बताने, उनसे विकल्पों के बारे में परस्पर संवाद बढाने, कृषिगत वैज्ञानिक अभिरुचियों को जागृत करने और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से किसानों को मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य संरक्षण की विधियों तकनीकियों और प्रौद्योगिकियों के विषय में प्रशिक्षित करने में इस प्रकार के कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। कार्यक्रम प्रधान वैज्ञानिक डा.आलोक श्रीवास्तव, ज्योति प्रकाश, डा.वी मगेश्वरन आदि रहे।

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