Mau News: पेट्रोल पंपों पर शौचालय में ताला, हवा-पानी नदारद
Mau News: - शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्राहकपेट्रोल पंपों पर शौचालय में ताला, हवा-पानी नदारदपेट्रोल पंपों पर शौचालय में ताला, हवा-पानी नदा

Mau News: मऊ, संवाददाता। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से पंपों के लिए लाइसेंस उपभोक्ताओं को तमाम सहूलियतें मुहैया कराने की शर्त पर दिए जाते हैं। इसके उलट जिले में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ता सुविधाओं की लगातार अनदेखी हो रही है। कहीं हवा का इंतजाम नहीं है तो कहीं पानी की किल्लत है। कुछ जगह शौचालय बने हैं लेकिन उनका इस्तेमाल सिर्फ कर्मचारी ही कर पाते हैं। अधिकांश शौचालयों पर ताला लटका रहता है। अगर कभी कोई अफसर पंप पर जाता भी है तो अपनी आंखें मूंद लेता है। जिलापूर्ति विभाग के मुताबिक जिले में विभिन्न कंपनियों ने 130 पेट्रोल पंप संचालित हैं। नियमानुसार सभी पंपों पर निशुल्क हवा, पानी, शौचालय, फर्स्ट एड बॉक्स और शिकायत दर्ज कराने के लिए रजिस्टर होना जरूरी है। जिले में अधिकांश पंपों पर यह सुविधा सिर्फ कागजों में मौजूद हैं। शहर में कचहरी मोड़ स्थित पेट्रोल पंप पर सुविधाएं संतोषजनक मिलीं। यहां पानी और हवा की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा ब्रह्मस्थान के पास स्थित पेट्रोल पंप पर लोग हवा डलवाते नजर आए। हालांकि, यहां शौचालय के लिए पूछने पर पंप कर्मी ने सुलभ शौचालय का रास्ता दिखा दिया। इसी तरह अमिला स्थित पेट्रोल पंप पर शौचालय बंद मिला। जबकि पंप पर पेट्रोल भरवाने आए दीपक ने बताया कि उन्हें अपनी गाड़ी में हवा भी भरवानी थी, लेकिन यहां इसकी कोई सुविधा नहीं है। पंप पर हवा भरने का सिस्टम उखड़ा मिला। उन्होंने बताया अब दस रुपये देकर बाहर से हवा भरवानी पड़ेगी। इसी तरह घोसी बाईपास स्थित पेट्रोल पंप पर पेयजल के लिए लगा वाटर कूलर खराब पड़ा मिला। शहर के पंपों पर लगभग सभी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यवस्था रामभरोसे है。
कई पेट्रोल पंपों मापक यंत्र भी उपलब्ध नहीं
मऊ। कई पंपों पर पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें बताने वाले डिस्प्ले बोर्ड तक धुंधले मिले। अगर किसी उपभोक्ता को मापकर पेट्रोल चाहिए तो उसे मापक यंत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता। इससे घटतौली की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
अधिकांश पंपों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध मिलीं
मऊ। दोहरीघाट क्षेत्र में लगभग 10 पेट्रोल पंप संचालित होते है। अधिकांश पंपों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध मिलीं, लेकिन कुछ जगह हवा भरने की मशीनें बंद या बिना संचालक की मिलीं। हालांकि अम्बे फिलिंग स्टेशन गोंठा में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग शौचालय, पेयजल, वाटर कूलर सहित सभी सुविधाएं संचालित मिलीं। हवा भरने की मशीन भी चालू हालत में लगी है। लेकिन अन्य पंपों पर अधिकांश सुविधाएं नदारद मिलीं।
जागरूकता की कमी का लाभ उठा रहे पंप संचालक
मऊ। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी का फायदा उठाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। अधिकांश ग्राहकों को यह जानकारी नहीं होती कि उन्हें 5 या 10 लीटर की माप से ईधन की मात्रा की जांच कराने, ईंधन की गुणवत्ता का परीक्षण कराने, हर खरीद पर रसीद लेने और शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करने का अधिकार प्राप्त है। यही कारण है कि कई लोग बिना जांच-पड़ताल के ही ईधन भरवाकर लौट जाते हैं। उपभोक्ता तेल कंपनियों के शिकायत पोर्टल और सीपीजीआरएएमएस के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कई स्थानों पर बदहाल दिखी शौचालय की सफाई
मऊ। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं को चेक किया गया, सभी जगह शौचालय की सुविधा उपलब्ध मिली। शौचालयों में टोटियों के अलावा अन्य उपकरण उपलब्ध मिले। हालांकि कई स्थानों पर शौचालयों की साफ सफाई को लेकर मनमानी दिखी। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि कई दिनों से साफ सफाई नहीं की गई है। ऐसे में संबंधित शौचालय उपयोग करने लायक नहीं दिखे। कुछ स्थानों पर ताले भी लटके मिले। एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवा रहे दो बाइक सवारों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर शौचालय एवं अन्य सुविधाओं की स्थिति और खराब होती है। लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं व बच्चों को खासी परेशानी होती है।
जिले के पेट्रोल पंपों पर सरकार की ओर से निर्धारित सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए तेल कंपनियों के अफसरों की बैठक करके अभियान चलाकर पंपों पर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी।
राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी मऊ।


