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30 नवंबर, 2020|7:22|IST

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फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष के बयान की मुस्लिम धर्मगुरुओं ने की निंदा

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में बीते दिनों हुई घटना पर फ्रांस के राष्ट्रध्यक्ष के बयान को लेकर जिले के मुस्लिम धर्मगुरुओं की बैठक हुई। बैठक में हालात की नजाकत को ध्यान में रखते हुए धैर्य से काम लेने की अपील किया। वक्ताओं ने कहा कि फ्रांस में मोहम्मद पैगम्बर सल्लहो अलैहे वसल्लम का खाका ( कार्टून) बनाकर इस्लाम की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। बैठक में उस नौजवान की भी मजम्मत करते हुए कहा गया कि कानून को उसने हाथ में लेने की गलती किया है। वक्ताओं ने कहा कि घटना के बाद जो कुछ हो रहा है उसे राजनीति कहा जा सकता है।मृतक शिक्षक के साथ जो हुआ वह गलत था, वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि शिक्षक ने जो किया वह सही था। कहा गया कि आज़ादी राय का मतलब हरगिज़ ये नहीं हो सकता है कि कोई किसी धर्म या उसके पेशवा को गाली दे या उस धर्म के मानने वालो की आस्था को ठेस पहुंचाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस्लाम कभी भी कानून को हाथ में लेने या हिंसा की अनुमति नहीं देता है। इसलिए जिलाधिकारी से मिलकर एक पत्रक के माध्यम से मांग किया जाएगा कि फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान से पूरे दुनिया के मुसलमानो के जज्बात आहत हुए है और वह माफी मांगे और बयान वापस ले। बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष तैयब पालकी, मुफ्ती अनवर अली, पूर्व सांसद सालिम अंसारी, अरशद जमाल पूर्व चेयरमैन, मोलवी खुर्शीद मिफ्ताही, मोलवी इफ़्तेख़ार मिफ्तही, मौलाना मज़हर मदनी, मौलाना मसिहररह्मान, मौलाना अबू सुफियान, मौलाना जमाल नदवी, मौलाना अब्दुल अलीम, मोलवी अहमदुल्लाह, अहमद ज़की, मौलाना शमीम, मौलाना अजीजुर्रहमान, मोलवी अनवर रशीद, मोहम्मद सालेह नोमानी, मोलवी रफीक अहमद, मोलवी इरशाद अहमद आदि उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Muslim religious leaders condemn French President 39 s statement