बिना राम भजे बेड़ा पार ना होई : बाल व्यास
Mau News - दोहरीघाट (मऊ) में हनुमानगढ़ी मंदिर में दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा एवं शतचंडी महायज्ञ के अवसर पर भव्य रामकथा का आयोजन हुआ। कथा व्यास रामाश्रय रामायणी महाराज ने अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कहा कि जीवन में राम भक्ति ही मोक्ष का सही मार्ग है और राम का जीवन त्याग, सत्य और करुणा का उदाहरण है।
दोहरीघाट (मऊ)। ब्लॉक क्षेत्र के गोंठा स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा एवं शतचंडी महायज्ञ के पावन अवसर पर बुधवार देर शाम आयोजित भव्य रामकथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास बाल व्यास रामाश्रय रामायणी महाराज ने अपने ओजस्वी, भावपूर्ण और मार्मिक प्रवचन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बिना राम भजे बेड़ा पार ना होई। यह मानव जीवन रूपी भवसागर अत्यंत गहरा और कठिन है, जिसे पार करने का एकमात्र सरल और अचूक उपाय भगवान श्रीराम का स्मरण, भजन और उनकी शरणागति है। संसार के भौतिक साधन क्षणिक सुख दे सकते हैं, परंतु आत्मिक शांति और मोक्ष का मार्ग केवल प्रभु भक्ति से ही प्रशस्त होता है।
रामचरित केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, सत्य, करुणा, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। आज के समय में जब समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब राम के आदर्शों को अपनाना ही सच्चे अर्थों में मानवता की सेवा है।
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