
‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ का घोसी में लोगों ने किया स्वागत
Mau News - मनरेगा बचाओ यात्रा 17 जनवरी को चौरी-चौरा से शुरू होकर घोसी पहुंची। यात्रा ने विभिन्न गांवों और बाजारों में जनसंवाद किया। यात्रियों ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया। यात्रा का समापन 17 फरवरी को वाराणसी में होगा।
घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। 17 जनवरी को चौरी-चौरा (गोरखपुर) से प्रारंभ हुई मनरेगा बचाओ यात्रा जो देवरिया और बलिया होते हुए मंगलवार को घोसी पहुंची, जहां लोगों ने स्वागत किया। मझवारा से घोसी तक रास्ते में पड़ने वाले गांव और बाज़ार में जनसंवाद और जनसभा करते हुए आगे बढ़ी। यात्रा मझवारा से शुरू होकर पतिला, सिकरौर, आदमपुर, नकटा, बरूहा, जमालपुर, रघौली, भवनपुर, होते हुए घोसी के गांधी तिराहे पर पहुंची। जनसभा के साथ यात्रियों ने यात्रा का समापन किया। जनसभा में मनरेगा मजदूर संघ के सैकड़ों साथियों और स्थानीय लोगों ने यात्रा को समर्थन दिया। ‘मनरेगा को खत्म करने की साजिश’ का आरोप लगाते हुए यात्री मृत्युंजय मौर्य ने मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों का कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि यह सरकार संविधान पर लगातार हमला कर रही है और अपने पूंजीपति मित्रों को सस्ता श्रम उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर होते हुए प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेगी, जहां 17 फरवरी को इसका औपचारिक समापन किया जाएगा। इस दौरान मनरेगा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबिका प्रसाद श्रमिक, घोसी ब्लॉक अध्यक्ष मोती देवी, जिलाध्यक्ष रितेश सिंह, दोहरीघाट ब्लॉक अध्यक्ष बृजभान भारती, ब्लॉक सचिव पुनीत पांडेय व कोषाध्यक्ष शिवमुनि आदि शामिल रहे।

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