समाज के विकास में साहित्य का विशेष योगदान : मनोज सिंह
Mau News - मऊ में जन संस्कृति मंच और राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ द्वारा 'उपनिवेश, प्रतिबंध और प्रतिरोध' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने विश्व में हो रहे बदलावों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। साहित्य के योगदान पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ साहित्यकारों ने पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य पर भी प्रकाश डाला।

मऊ, संवाददाता। जन संस्कृति मंच एवं राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ के तत्वावधान में शुक्रवार को भुजौटी स्थित राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ सभागार में ‘उपनिवेश, प्रतिबंध और प्रतिरोध’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने कहा कि आज के दौर में विश्व में हो रहे बदलाव को लेकर गंभीरतापूर्वक चिंतन करने की आवश्यकता है। अध्यक्षता करते हुए मनोज सिंह ने कहा कि समाज के विकास में साहित्य का विशेष योगदान रहा है। हमें साहित्यिक पत्रकारिता के योगदानों पर गंभीरता से विचार विमर्श करने की जरूरत है। सृजनपीठ के संस्थापक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.जयप्रकाश धूमकेतु ने कहा कि प्रो.संतोष भदौरिया की किताब में गहराई से पड़ताल की गई है।
जनहित के मुद्दों पर हमें खुलकर और ईमानदारी पूर्वक बातचीत करने की आवश्यकता है। डा.तेजभान ने पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ.धनंजय शर्मा, राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित डॉ.रामबिलास भारती, भंते संघरत्न, दिनेश सिंह, रामावतार सिंह, नीरज कुमार, ललित कुमार यादव, पंकज कुमार, राणा बलवंत सिंह, रोहित सिंह, आकाश चौहान, सीमा, आशीष चौहान, पंकज देववंशी, ओमप्रकाश रंजन आदि उपस्थित रहे।
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