ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश मऊपत्नी-बच्चे को भरण पोषण नहीं देने के लिए पति ने जालसाज कर बदला नाम

पत्नी-बच्चे को भरण पोषण नहीं देने के लिए पति ने जालसाज कर बदला नाम

कोर्ट द्वारा तय भरण-पोषण का खर्च पत्नी व बच्चों को नहीं देना पड़े, इसलिए पति ने जालसाजी करके अपना नाम ही बदल...

पत्नी-बच्चे को भरण पोषण नहीं देने के लिए पति ने जालसाज कर बदला नाम
हिन्दुस्तान टीम,मऊSun, 16 Jun 2024 12:15 AM
ऐप पर पढ़ें

घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। कोर्ट द्वारा तय भरण-पोषण का खर्च पत्नी व बच्चों को नहीं देना पड़े, इसलिए पति ने जालसाजी करके अपना नाम ही बदल लिया। यही नहीं उसने राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व की खतौनी में भी अपना नाम बदलवा लिया। पीड़ित पत्नी की प्रार्थना पत्र के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने पति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आईपीसी की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली अंतर्गत अमिला क्षेत्र के चमरई बुधमारी निवासिनी महिला चम्पा देवी पत्नी लाल बहादुर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह लगभग 25 वर्ष पूर्व चमरई निवासी लाल बहादुर के साथ हुआ था।

दोनों का एक पुत्र भी है जिसका नाम हरिनाथ है। दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुत्र प्राप्ति के कुछ दिन बाद उसके पति लाल बहादुर का संबंध आजमगढ़ निवासिनी एक महिला से हो गया। दूसरी महिला से संबंध होने के बाद पति ने उसे और बेटे को घर बाहर निकाल दिया। पीड़ित पत्नी अपने पुत्र को लेकर अपने मामा के घर सोहिलपुर में रहते हुए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मऊ में भरण पोषण का दावा की। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मऊ ने मामले में फैसला देते हुए पत्नी को 500 रुपये प्रतिमाह व बच्चे को 300 रुपये प्रतिमाह भरण पोषण का खर्च अदा करते रहने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद भी पति ने पत्नी को भरण-पोषण की रकम पीड़िता और उसके पुत्र को नहीं दिया। पीड़ित द्वारा अवमानना दाखिल करने के बाद जब परिवार न्यायालय ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया तो आरोपी पति ने जालसाजी करके अपना नाम लाल बहादुर के स्थान पर बाढू कर लिया। साथ ही साथ परिवार रजिस्टर में भी अपना नाम बाढू करा लिया। नाम बदलने के बाद आरोपी पति ने अपनी जमीन भी बेच दिया। जालसाजी के मामले में कार्रवाई के लिए पीड़िता पत्नी ने थाने से लेकर उच्चाधिकारियों तक के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पत्रावली कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। घोसी कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।