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विद्युत विभाग के संवेदनहीनता के शिकार उपभोक्ता

तहसील क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के मनमाने कार्यप्रणाली से भीषण आर्थिक शोषण के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

तहसील क्षेत्र के विभिन्न अंचलों में विद्युत उपभोक्ता राजस्व बिलों के बोझ तले दबे हुए हैं। जिससे विवश विद्युत उपभोक्ता विभाग का चक्कर काटने को मजबूर हैं। उपभोक्ता संजय मल्ल, गुलाब गुप्ता, राम नारायण सिंह, अखिलेश राठौर ,भगत सिंह, डा.नासिर अली का कहना है कि शासन के आदेश के बावजूद अब तक विद्युत मीटर नहीं लगाए गए नही नियमित रीडिंग का निरीक्षण किया जाता, जबकि मनमाने विद्युत बिलो के चलते विद्युत उपभोक्ताओं से हजारों रूपये के विद्युत राजस्व बिलों को निपटाने में व्यापक स्तर पर धांधली किया जा रहा है।  मधुबन कस्बे के चिकित्सक डा.आरके सिंह का विद्युत बिल 30 हजार रुपए का नियमित भुगतान के बाद आ गया। इस बावत विद्युत कार्यालय से तहसील दिवस पर शिकायती प्रार्थनापत्र देकर जांच व न्याय की मांग किया गया, लेकिन महिनों के मशक्कत के बाद अभी तक उन्हे न्याय नहीं मिला। महावीर पटवा, लक्षू पटवा, गणेश धरीकार, नन्दू यादव का आरोप है कार्यालय की ऐसी कार्यप्रणाली है कि बिना सुविधा शुल्क के कोई कार्य नहीं करता है।  जिसके खिलाफ लोगों मंे सुलगता आक्रोश कभी भी आन्दोलन का रूप ले सकता है।
 

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  • Web Title:Hunting Consumers of Anesthesia Department of Electricity