बारिश थमने से मिली राहत, पैदावार घटेने की संभावना
Mau News - मऊ जिले में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी हैं। धान की फसलें गिर गई हैं और जिन फसलों को काटकर खेतों में रखा गया था, वे भी भीग गई हैं। मौसम रविवार को साफ हुआ, लेकिन किसानों की चिंता बनी हुई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि उपज प्रभावित होगी।
मऊ, संवाददाता। मोंथा का असर जिले में पांच दिनों तक देखने को मिला। मंगलवार से शनिवार को जिले में हुई बारिश ने किसानों की कम तोड़ कर रख दी है। लगातार बारिश और हवा से खेतों में धान की फसलें गिर गई हैं। काट कर खेतों में छोड़ दी गई धान की फसल भीग चुकी है। फसल गिर जाने एवं काट कर रखी वाली भीगने से धान का उत्पादन प्रभावित होगा। हालांकि रविवार को मौसम साफ हो गया और धूप निकली आई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। जनपद में पांच दिनों से आसमान में बादल छाए हुए थे।

रोजाना बारिश होने से मौसम पूरी तरह खराब हो गया था और किसानों की कमर तोड़ दिया। हल्की से मध्यम बारिश ने खेतों में जलभराव कर दिया। फसल गिर गई है। पक कर तैयार फसल जिसके काटने की तैयार में किसान था वह बारिश की वजह से खेतों में गिर कर पानी में डूब गई है। बहुत से किसानों ने बारिश से पहले धान को काट कर सूखने के लिए खेतों में छोड़ दिया था वह भीग कर वहीं पड़ी है। मौसम रविवार को साफ तो हो गया। सुबह से ही तेज धूप निकल आई है। लेकिन कभी-कभी बादल आ जा रहे, इससे किसानों में चिंता की लकीर छाई हुई। कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि उपज प्रभावित होगी। भीगे धान से बीज का अंकुरण किसानों के लिए मुश्किल होगा। किसान रामअवध, दिनेश, अमरीश, राजेश कहते हैं कि किसी तरह से खेती की थी लेकिन अब सब कुछ बरबाद होता नजर आ रहा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




