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25 सितम्बर, 2020|1:46|IST

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कर्ज वसूली के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न

कर्ज वसूली के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न

अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर रतनपुरा ब्लाक पर भाकपा माले और खेग्रामस के नेतृत्व में महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों व स्वयं सहायता समूहों के उत्पीड़न और दंबगई के खिलाफ आवाज उठाया। राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा।

पत्रक देने के बाद अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के नेता ओमप्रकाश ने कहा कि देश में माइक्रो फाइनेंस कर्ज के बहाने महाजनी प्रथा लागू किया जा रहा है। करोना के इस महामारी में जब गांव के गरीबों के पास कोई काम नहीं है खाने-पीने के संकट हैं। घर में अनाज नहीं है। पास में पैसा नहीं है। जन धन से अगर 500 मिल गए तो किसी तरह से तेल नून का काम चल रहा है, ऐसे में आज के दौर के महाजनी सूदखोर माइक्रोफाइनेंस के दबंग गांव के गरीबों से कर्ज वसूली तेज कर दिए हैं। इसको लेकर ग्रामीण महिलाओं में भारी आक्रोश है। कहा कि इन फाइनेंस के दबंगों से पूरे ग्रामीण महिलाओं में दहशत व डर बना हुआ है। भाकपा माले के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि करोना के बचाव में मोदी सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है। आने वाले दिनों में इन्हीं सब सवालों को लेकर देश के ग्रामीण मजदूर, महिलाएं, किसान, छात्र, नौजवान गोलबंद होकर इन सब के खिलाफ संघर्ष करेंगे। पत्रक देने वालों में राम शब्द राम,महेंद्र, शिव मुनि, राम भवन, सुगन यादव हरिंदर राजभर, राजकुमार,मंजू,बासमती, रीता, जलसा रामरति, शैलजा देवी, माया, राजमती, सीमा, सुनीता आशा आदि शामिल रही।

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  • Web Title:Harassment of women in the name of debt collection