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शहर और कस्बों के फुटपाथ अतिक्रमण के शिकार

शहर से लेकर कस्बों की बाजारों में सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते आए दिन राहगीरों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता...

शहर और कस्बों के फुटपाथ अतिक्रमण के शिकार
हिन्दुस्तान टीम,मऊSun, 26 May 2024 01:15 AM
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मऊ। शहर से लेकर कस्बों की बाजारों में सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते आए दिन राहगीरों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर क्षेत्र में पार्किंग के अभाव में मुख्य बाजारों मं फुटपाथ पर वाहन खड़ा होने के साथ ही दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण करने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार की सड़कें दुकानें खुलते ही सिकुड़ने लगती हैं। सुबह दस बजने के साथ ही फुटपाथ पर दुकान सजाने वाले ठेले और खोमचों वालों का पूरी तरह से कब्जा हो जाता है। बाकी सड़क पर दुकानदार और ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते हैं। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार गाजीपुर तिराहा से लेकर आजमगढ़ मोड़ होते हुए रोडवेज तक सड़क की पटरियों का कुछ पता नहीं चलता। यही हाल बाल निकेतन फाटक के आगे बढ़ने के साथ ही मिर्जाहादीपुरा चौराहा तक अतिक्रमण के चलते आये दिन जाम की समस्या बनी रहती है। जबकि इस मार्ग पर किराना, स्टेशनरी, धार्मिक सामग्री, मेडिकल, स्कूल सामग्री, कपड़ा सहित अन्य जरूरी सामान की दुकानें हैं। दुकानदारों ने शेडों के जरिए तो कई दुकान सामान और शोकेस के लिए सड़कों पर दुकान खुलते ही अतिक्रमण कर लेते हैं। यहां आने वाले लोग भी सड़कों पर ही गाड़ी खड़ी कर खरीदारी करते हैं, जिससे मार्ग पर सुबह 11 बजे से लेकर रात आठ बजे तक गहमा-गहमी बनी रहती है। इसी बीच यदि कोई चारपहिया वाहन या हाथ ठेला मार्ग पर आ जाता है तो यातायात ठप सा हो जाता है। यह स्थिति दिन में कई बार बन जाती है। जाम से विवाद की स्थिति तक बन जाती है। रिटायर्ड कर्मचारी रामविलास शर्मा का कहना है कि पुलिस और नपा की अनदेखी की वजह से हर दिन लोग परेशान होते हैं।

अतिक्रमण के चलते सिमट गयी सड़कें

दोहरीघाट। नगर पंचायत दोहरीघाट में सड़क किनारे दुकान करने वाले दुकानदारों और व्यवसायियों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के बाजार में जाम की समस्या आम हो गई है। नगर में वर्षों से बेखौफ पटरी दुकानदारों सड़क की पटरियों पर कब्जा कर रख है। विगत वर्ष उपजिलाधिकारी घोसी के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन ने नगर के सड़कों को अतिक्रमणमुक्त करने को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया था, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजन का खासा सहयोग मिला था। परन्तु आधा अधूरा अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासनिक उदासीनता से यह सिर्फ फाइलों में सिमट कर रह गया है।

अतिक्रमण को चिह्नित होगा

नगर पालिका की ओर से अतिक्रमण को लेकर अभियान चलाया जाता है। साथ ही अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है। चुनाव बाद मुख्य बाजारों में सड़क की पटरियों पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कर हटाने का काम किया जाएगा।

-दिनेश कुमार, ईओ, नगर पालिका, मऊ

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