ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश मऊसब्जियों के दाम बढ़ने से भोजन की थाली हुई महंगी

सब्जियों के दाम बढ़ने से भोजन की थाली हुई महंगी

महंगाई की मार ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। घरेलू खर्च में संतुलन बनाने में महिलाओं को पसीने छूट रहे...

सब्जियों के दाम बढ़ने से भोजन की थाली हुई महंगी
हिन्दुस्तान टीम,मऊThu, 20 Jun 2024 12:00 AM
ऐप पर पढ़ें

मऊ। महंगाई की मार ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। घरेलू खर्च में संतुलन बनाने में महिलाओं को पसीने छूट रहे हैं। बीते एक माह में हरी सब्जियों के दामों में 20 से 30 रुपये तो आटा, दाल और मसाला 30 से 50 रुपये महंगा हो गये हैं। इससे घर की थाली का स्वाद फीका हो चुका है। महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान मजदूर है। उनकी आधे से अधिक दिहाड़ी मजदूरी खर्च करनी पड़ रही है।
सब्जियों के आसमान छूते दामों को लेकर लोग परेशान हैं। आलू, प्याज के अलावा तमाम सब्जियां अब लोगों की पहुंच से बाहर हो गई हैं। दाम दोगुने हो गए हैं, जिससे लोगों की जेब पर खासा प्रभाव पड़ा है। महंगाई के चलते पांच सौ रुपये में झोला सब्जियों से नहीं भर पा रहा है। परवल 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। कुछ इसी तरह का हाल अन्य हरी सब्जियों का भी है। सब्जी मंडी में करैला 60, शिमला मिर्च 100, लहसुन 250, हरा मिर्च 100, भिंडी 50, सरपुतिया 50 और लौकी 50, रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। वहीं गरीबों के लिए सबसे दिक्कत वाली बात आलू और प्याज की महंगाई का है। लगन बीतने के बाद भी फुटकर में आलू 30 तो प्याज 40 रुपये प्रति किलो से कम नहीं हो पा रहे हैं। जबकि दो दिन से टमाटर के भी दाम 40 रुपये किलो पहुंच गये हैं। जबकि जिले की मंडी में हर दिन दूसरे जिले से हरी सब्जियां पहुंचती हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के के किसान भी हर साल बड़े पैमाने में हरी सब्जियों की खेती करते हैं। पर मई महीने में लू के कारण सब्जी की खेती करने वाले किसान काफी परेशान हैं। जिले के अधिकतर किसानों ने बोडा, करैली, टमाटर, बैगन, लौकी, खीरा आदि सब्जी की खेती की है। सारी पूंजी लगाने के बाद सब्जी तैयार हो गई थी। लेकिन तेज पछुआ हवा ने इस कदर परेशानी बढ़ा दी है कि लाखों रुपये की सब्जी बर्बाद हो गई है। सारे पौधे पछुआ हवा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में भी सब्जियों के रेट से गर्म हैं। इस गर्म मौसम से अगर जल्द ही छुटकारा नहीं मिलता है तो सब्जियों का बाजार और गर्म होने के आसार है। ऐसे में सभी चाहे वह सब्जियों का व्यापारी हो या किसान बरसात की आस लगाए बैठे हैं।

दाल और मसालों के दाम भी बढ़े

मऊ। दाल और तेल की महंगाई की वजह से घर की थाली का स्वाद फीका हो चुका है। जबकि मसालों में हल्दी, जीरा, लौंग, छोटी इलायची के दाम आसमान छूने लगे हैं। बाजार में अरहर की दाल तो 150 रुपये से लेकर 180 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रही है। जबकि उड़द की दाल 160, चना दाल 74, सरसों तेल140, खड़ा धनिया120, सूखा मिर्च 280, सौफ 240 रुपये प्रति किलों हैं। जबकि पैकेट सब्जी मसाला 40 से 45 रुपये प्रति 50 ग्राम बिक रहा है। बीते एक महीने में दाल, मसालों की कीमतों में एकाएक वृद्धि हुई हैं।

गर्मी और तपन में नीबू की बढ़ गई है मांग

मऊ। उमस और तपन के कारण नीबू की मांग भी काफी बढ़ गई है। लोग धूप से बचने के लिए ज्यादातर नीबू पानी का सेवन कर रहे है, वहीं आम पना की मांग भी बढ़ गई है। जगह-जगह शिंकजी की दुकानें सज गई है। एक कारोबारी ने बताया कि नीबू की मांग बढ़ने से कीमतों में भी इजाफा हो गया है।

फलों के दाम भी छू रहे आसमान

मऊ। भीषण गर्मी का असर सब्जी के बाद फलों भी पड़ा है। इस समय फलों के आसमान छूते दाम से उपभोक्ता को पसीना आ रहा है। जो सेव पहले 140 रुपये प्रति किलो हुआ करता था, अब वह उत्तम क्वालिटी का सेव बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो बाजार में बिक रहा है। आम के भाव भी 50 रुपये से बढ़कर 60 से 70 रुपये के करीब हो गया है। लीची 90 से 120 और केला का भाव 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति दर्जन हो गया है। नाशपाती भी 40 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में बिक रहा है। वहीं, तरबूज 20 से 25 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। इसी प्रकार दूसरे फलों के दाम आसमान छू रहे हैं।

दूध की कीमतें बढ़ी

मऊ। जिले में पैक्ड दूध की कीमतों में भी दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। अब दूध फूल क्रीम 66 की जगह 68 रुपये और टोंड दूध 54 की जगह 58 रुपये प्रति लीटर है। जबकि खुला दूध 50 से 60 रुपये लीटर हैं।

एक किलो दाल खरीदने में मजदूरों की लगती आधी दिहाड़ी

मऊ। जिले में अरहर दाल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से मजदूरी करने वाले लोग बहुत परेशान हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर एक किलों अरहर की दाल की खरीदी की जाए तो उनकी आधी दिहाड़ी लग जाएंगी। सुरेश कुमार का कहना है कि वह दिहाड़ी मजदूर है। पूरे दिन काम करने पर उन्हें 300 रुपये मिलते हैं। अगर दाल खरीदे तो उनको 150 रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसलिए अब दाल 250 ग्राम खरीद रहे हैं।

बोली गृहिणियां

सब्जी मंडी में 20 रुपये किलो मिलने वाला प्याज और टमाटर 40 रुपये किलो मिल रहा है। दोगुने दाम होने से प्याज का स्वाद लेना लोगों के बजट से बाहर हो चुका है। वहीं आलू 30 रुपये किलो खाने को मजबूर हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण खाने का स्वाद भी बिगड़ने लगा है।

- नीतू सिंह, गृहिणी।

खाद्य सामग्री के साथ सब्जी और फलों में भी महंगाई की मार झेलनी पड़ रही थी। सब्जी के बढ़ रहे दामों से लोगों पर आर्थिक भार बढ़ता जा रहा है। महंगी सब्जी खरीदना लोगों के बस से बाहर हो चुका है। आलू, प्याज व टमाटर के दाम दो गुना हो चुके हैं। इससे घर का बजट बिगड़ गया है।

- उर्वशी सिंह, गृहिणी।

बोले सब्जी विक्रेता

मंडी में बाहर से सब्जियों की आवक कम हो गई है। वहीं क्षेत्र के किसानों द्वारा उगाई गई सब्जियां भीषण गर्मी झुलस गई है। इससे हरी सब्जियों के दाम तेजी बढ़ रहे है। इसका असर बिक्री पर भी पड़ा है। पहले जो लोग एक-एक किलो सब्जी खरीदते थे। वह अब आधा या पाव भर खरीद रहे है।

- छठ्ठू बारी, सब्जी विक्रेता।

भीषण गर्मी से खेतों में उगाई गई हरी सब्जियां झुलस गई है। इससे मंडी में स्थानीय सब्जियां कम आ रही है। जबकि बाहर से आने वाली सब्जियां भी कम आ रही है। इससे सब्जियों के दाम बढ़ रहे है। महंगाई बढ़ने से बिक्री प्रभावित हो गई है। एक दिन में जहां पूरी सब्जी बिक जाती थी। उसे बेचने में अब दो से तीन दिन लग जा रहे हैं।

- अंगद मौर्या, सब्जी विक्रेता।

बाजार में सब्जियों के दाम

सब्जी--पहले कीमत--अब कीमत

आलू--15--30

प्याज--25--40

टमाटर--20--40

हरी मिर्च--50--100

भिंडी--30--50

नेनुवां--20--30

परवल--36--60

खीरा--30--50

पालक--25--35

करैला--40--60

लौकी--40--50

सरपुतिया--30--50

शिमला मिर्च--80--100

नींबू--10 रुपये पीस

नोट-सब्जियों के दाम फुटकर में प्रतिकिलो के हिसाब से है।

बाजार में दाल,तेल और मसालों की प्रति किलों कीमत

सामान--पहले कीमत--अब कीमत

अरहर दाल--130 से--145--150 से 180

उड़द दाल--80 से 90--120 से 160

चना दाल--50 से 60--70 से 80

सरसों तेल--120 से 130--140 से 150

सूखा मिर्च--220 से 250--260 से 300

धनिया--60 से 65--80 से 120

जीरा--550 से 600--700 से 800

लौंग--1150 से 1200--1400 से 1450

इलायची छोटी--3500 से 3600--3700 से 3800

सब्जी मसाला--550 से 600--650 से 800

नोट:-सभी कीमतें रुपए प्रतिकिलो है।

फलों के दाम में भी आया उछाल

फल--पहले--अब

आम दशहरी--40--60

आम लंगड़ा--35--55

लीची--90--120

अनार--80--140

सेव--140--160

केला--55--60

तरबूज--15--25

नाशपाती--40--60

नोट:-फलों का दाम रुपये प्रति किलो में है

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।