जिले में बनेंगे दो फीकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट
Mau News - मऊ जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत दो ग्राम पंचायतों में फीकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण होगा। इससे शौचालय के सेप्टिक टैंकों की वैज्ञानिक सफाई होगी, जिससे बीमारियों की रोकथाम होगी। इस प्रक्रिया से जैविक खाद बनाई जाएगी और साफ पानी कृषि सिंचाई में उपयोग होगा।

मऊ, संवाददाता। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत जिले में दो ग्राम पंचायतों में फीकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण होगा। इससे गावों में बने शौचालय के सेप्टिक टैंकों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई होगी। इससे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से मुक्ति मिलेगी। उस कचरे से जैविक खाद बनाई जाएगी, इससे स्वच्छता और भूजल सुरक्षित होगा। एक प्लांट के लिए 1.6 बीघे जमीन की तलाश की जा रही है। दोनों के बीच की दूरी एक दूसरे से 15 किमी होगी। रास्ता सुगम हो, जिससे टैंकरों को लाने ले जाने में परेशानी न हो। ऐसी जगह जहां आसपास पोखरी, तालाब या नदी न हो और आबादी से करीब 500 मीटर दूर हो।
जिससे निस्तारण के समय उठने वाली दुर्गंध से परेशानी न हो। प्लांट के संचालन में 30 किलोवाट से अधिक बिजली की आवश्यकता होगी इसलिए चयनित की जाने भूमि, बिजली एवं जल स्रोत के निकट की जानी होगी। जिन ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों की संख्या कम से कम 3000 है, वहां प्लांट निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। एक प्लांट के संचालन के लिए लगभग 30 किलोवाट बिजली और प्रतिदिन करीब पांच हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी। उपचारित अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। जबकि साफ किए गए पानी को कृषि सिंचाई के लिए काम में लाया जाएगा। इस पहल से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी। खुले में गंदगी फैलने की समस्या पर रोक लगेगी। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी किरन वर्मा ने बताया कि जमीन चिह्नित होते ही प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया जाएगा। जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। भविष्य में बढ़ती आवश्यकता के अनुसार प्लांट के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि छोड़ी जाएगी।
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