‘कौड़ी के भाव नहीं देंगे जमीन’ किसानों ने आवास विकास परिषद को चेताया

हिन्दुस्तान, मऊ
Follow us on Google News
share

कोपागंज क्षेत्र में प्रस्तावित आवास विकास परिषद की कॉलोनी के लिए किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। मुआवजे की दर स्पष्ट न होने से किसान नाराज हैं। पिछले दो दिनों की वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे किसानों का रोष और बढ़ गया। वे उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं और जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।

‘कौड़ी के भाव नहीं देंगे जमीन’ किसानों ने आवास विकास परिषद को चेताया

पूराघाट, हिंदुस्तान संवाद। कोपागंज क्षेत्र के शहरोज और रेवड़ीडीह इलाके में प्रस्तावित आवास विकास परिषद की आवासीय कॉलोनी को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे की दर स्पष्ट नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है। गुरुवार की शाम विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और किसानों के बीच हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। लगातार दूसरे दिन बातचीत विफल होने से मामला और गरमा गया है। किसानों ने मुआवजे को लेकर चल रहे असमंजस पर कड़ा रोष जताते हुए उचित दर तय करने की मांग उठाई। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी जमीन ‘कौड़ी के भाव’ पर नहीं देंगे।

किसानों का कहना था कि जब तक सरकार और परिषद उचित मुआवजे की स्पष्ट घोषणा नहीं करती, तब तक वे भूमि अधिग्रहण का विरोध जारी रखेंगे। बैठक में किसान अरविन्द, दिपक उपाध्याय, संतोष यादव, रामदरश, विरेन्द्र राय, भोला पाल, रामबलो राजभर, हिमांशु राय, छोटे लाल गौंड, अजय खरवार, राम गोपाल शर्मा, रामकृत यादव, रामनियादी पाल, ललन यादव, सोहन राम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इससे पहले बुधवार को भी आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा और सहायक अभियंता विवेक कुमार ने शहरोज, रेवड़ीडीह, मेघई और डाड़ी खास गांव के किसानों के साथ बैठक की थी, लेकिन तब भी कोई सहमति नहीं बन सकी थी। अधिकारियों ने जल्द समाधान निकालने का आश्वासन जरूर दिया, लेकिन मुआवजे की दर पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार आवास विकास परिषद ने शहरोज और रेवड़ीडीह समेत पांच मौजों की लगभग 800 बीघा भूमि अधिग्रहित करने की योजना बनाई है। इस भूमि पर आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित की जानी है। लेकिन मुआवजे की स्पष्ट नीति सामने नहीं आने से किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने सरकार से मांग किया है कि बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा तय किया जाए, ताकि किसानों के हितों की अनदेखी न हो सके।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।