मृदा परीक्षण के बाद संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें किसान
विकासखंड रतनपुरा के ग्रामसभा मुस्तफाबाद में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी ने संतुलित रासायनिक उर्वरक प्रबंधन अभियान के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। 82 किसानों को तरल कंसोर्टिया वितरित किए गए। विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण और संतुलित उर्वरक प्रयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी।

पहसा, हिन्दुस्तान संवाद। विकासखंड रतनपुरा के ग्रामसभा मुस्तफाबाद में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी द्वारा बुधवार को संतुलित रासायनिक उर्वरक प्रबंधन अभियान के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 82 किसानों को तरल कंसोर्टिया नि:शुल्क वितरित किया गया। समन्वयक मृदा वैज्ञानिक डॉ.प्रशान्त ने किसानों को मृदा परीक्षण के बाद संतुलित उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ.विनय कुमार सिंह ने किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। बताया कि किसान भाई आगामी समय में अपने खेतों में हरी खाद, गोबर खाद, केंचुआ खाद का प्रयोग करके नाइट्रोजन का प्रतिशत अपने खेतों में बढ़ा सकते हैं और रासायनिक उर्वरकों पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं।
साथ ही साथ खेतों में जैव उर्वरक के प्रयोग करने पर भी बल दिया। इसके साथ ही केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉक्टर अंगद प्रसाद ने विभिन्न फसलों में संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में किसानों को विस्तार से बताया और नैनो उर्वरकों के बारे में भी चर्चा किया। इसके साथ ही इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया, डाई एवं तरल कंसोर्टिया के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। खाद्य प्रसंस्करण वैज्ञानिक डॉ.आकांक्षा सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करते हुए अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाए।
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