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21 जनवरी, 2021|2:15|IST

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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन

निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन

जनपद मुख्यालय स्थित कार्यालय अधीक्षण विद्युत वितरण मण्डल एवं जनपद के समस्त कार्यालयों पर मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के संयुक्त आह्वान पर ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में देश व्यापी विरोध सभा किया गया। कर्मचारी जूनियर इंजीनियर अभियन्ता द्वारा सोसल डिस्टेंसिंग के नियमो का पालन करते हुए हाथों में अपने मांगो से सम्बन्धित निजीकरण के विरोध में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

समिति के जनपद संयोजक सूर्यदेव पाण्डेय ने प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी दी गयी कि यदि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव वापस न लिया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व अभियन्ता प्रान्त व्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबन्धन व सरकार की होगी। श्री पाण्डेय ने कहा की बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के निर्णय के अनुसार केन्द्र व राज्य सरकारों की ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण की नीति के विरोध में 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के तमाम 15 लाख बिजली कर्मचारी देश भर में विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। अन्त में सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को सम्बोधित श्रमिक समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट को दिया गया। संघर्ष समिति द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में संजय कुमार, अमित गुप्ता, अरविन्द यादव, सुशील सोनी, राधेश्याम सैनी, मुकेश कुमार, जय प्रकाश यादव, शशिप्रकाश गुप्ता, संजय यादव, धीरेन्द्र यादव, मनोज कुमार शाह, राजशरण सिंह, सतेन्द्र गुप्ता, देवेन्द्र उपाध्याय, इसरारूल हक उर्फ दरोगा, अशोक कुमार आदी लोग सोसल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए सम्मिलित हुए।

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  • Web Title:Electrical workers protest against privatization