सामूहिक नकल मामले में कोर्ट ने आठ आरोपी दोषी करार दिया
Mau News - मऊ में सामूहिक नकल के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराया। सभी को चार महीने की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया। यह मामला 2015 में कोपागंज थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें स्थानीय विद्यालय में नकल की घटना का खुलासा हुआ था।

मऊ, संवाददाता। सामूहिक नकल मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी अभियुक्तों को चार-चार माह के कारावास और दो-दो हजार के अर्थदंड की सजा सुनाया। सामूहिक नकल के मामले में 11 मार्च 2015 को तत्कालीन डीआईओएस की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला 17 मार्च 2015 का है। ग्यारह वर्ष पूर्व कोपागंज थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार 17 मार्च 2015 को स्थानीय कोपागंज थाना क्षेत्र स्थित कृषक इंटर कॉलेज, संतपुर गोड़सरा में इंटरमीडिएट की दूसरी पाली में अंग्रेजी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा चल रही थी।
इसी दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी और तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर गहन जांच-पड़ताल किया। जांच के दौरान सामूहिक नकल और अनुचित साधनों के प्रयोग का मामला पर्दाफाश हुआ। मामले में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश कुमार की तहरीर पर 22 लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान आठ आरोपियों की फाइल अलग कर दी गई थी। मामले में अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने अपनी दलीलों को पेश किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने मामले की गंभीरता और तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए आठ आरोपियों कमलेश कुमार यादव, राम प्रवेश यादव, उदय नारायण यादव, वीरेंद्र चौहान, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, अंगद वर्मा, कृष्णानंद मौर्य और रविंद्र नाथ को सामूहिक नकल मामले में दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी आठों अभियुक्तों को चार-चार माह के कारावास और दो-दो हजार के अर्थदंड की सजा सुनाया।
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