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जर्जर निबंधन दफ्तर दे रहा हादसों को खतरा

तहसील क्षेत्र में स्थित सिंचाई विभाग के डाकबंगले में संचालित निबंधन कार्यालय का भवन जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। हाल यह है कि विभागीय कर्मचारी इस बरसात के मौसम में जान हथेली में लेकर इस भवन के अंदर काम करने को मजबूर हैं। बारिश के बीच टपक रही छत पर प्लास्टिक डालकर फाइलों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। 
सन् 1997 में पूर्व राजस्व मंत्री राजेन्द्र प्रसाद के प्रयास से तहसील मधुबन अस्तित्व में आया तथा सरकारी कामकाज सिंचाई विभाग के डाक बंगले में शुरू किया गया। लेकिन वर्षों बीतने के उपरान्त भी तहसील भवन का निर्माण नहीं हो सका था तथा अधिवक्ताओं द्वारा निबन्धन कार्यालय की भी आवाज बुलन्द होने लगी थी। जिसके बाद 1999 में सिंचाई विभाग के डाक बंगले में ही निबन्धन कार्यालय की स्थापना भी कर दी गयी। अधिवक्ताओं व समाजिक सरोकार रखने वाले लोगों के बढ़ते मांग के बाद तीन साल पूर्व तहसील भवन का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन निबन्धन कार्यालय आज भी जर्जर स्थिति में पड़ा हुआ है, जो दुर्घटनाओं का सबब बना हुआ है। बरसात के कारण छत टपक रहा है, जिसके चलते महत्वपूर्ण कागजात भीग कर खराब हो रहे हैं। मांग के बाद भी शासन प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। इस बावत निबन्धन अधिकारी अशोक कुमार का कहना था कि कार्यालय बनवाने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।

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  • Web Title:Deteriorating office risks