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22 अक्तूबर, 2020|11:42|IST

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राहत इन्दौरी के निधन पर शोक सभा

राहत इन्दौरी के निधन पर शोक सभा

उर्दू के अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉ. राहत इन्दौरी का 11 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। उनके मृत्यु पर आज नगर पालिका बैठक कक्ष में नगर पालिका द्वारा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पालिकाध्यक्ष मुहम्मद तय्यब पालकी की अध्यक्षता में शोक सभा आयोजित की गयी। जिसमें डा. राहत इन्दौरी को खिराज-ए-अकीदत पेश की गयी।

उक्त शोक सभा में पालिका के सभासदगण, साहित्य प्रेमी ने उपस्थित होकर अल्लाह से उनकी बखशिश (आत्मा की शान्ति) एवं उनके गमज़दह अहल-ए-खाना (शोकाकुल परिवार) को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिये प्रार्थना की। शोक सभा की शुरुआत शायर मौलवी ताबिश रेहान ने तिलावते कुरान शरीफ से किया। अध्यक्षता कर रहे पालिकाध्यक्ष मुहम्मद तय्यब पालकी ने डा. राहत इन्दौरी को खिराजे अकीदत पेश करते हुए कहा कि इन्दौरी जैसी मारुफ शख्सियत के निधन से उर्दू अदब को भारी क्षति पहुंची है। जिसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल है। मुशायरा हो या कोई कार्यक्रम राहत इन्दौरी माइक थामते तो हर कोई उनकी तरफ आकर्षित हो जाता था। उनमें वो हुनर था कि हर उम्र के लोगो को अपना बना लेते थे। राजनीति पर तंज कसती उनकी शायरी बेमिसाल थी तो वहीं उनकी रुमानियत भरी गज़ले भी लाजवाब थी। मऊ जब भी उनको बुलाया जाता वह कभी इंकार नही करते।

पालिकाध्यक्ष ने कहा कि भारत ही नही दुनिया का एक बेबाक शायर चला गया। उन्होने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को सच बोलने के लिये प्रेरित किया। सत्ता के विरोध में भी बोलने से वे कभी नही झिझके। जिसके लिये उन्हें याद रखा जायेगा। साहित्य ने अपना एक नगीना खोया तो देश ने एक सच्चा देश भक्त। पालकी ने कहा कि राहत इन्दौरी के चाहने वाले हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में मौजूद है। उनके चाहने वाले उनकी मौत से बहुत ज्यादा गमगिन है। डा. शकील ने कहा कि राहत इन्दौरी शायरी के साथ-साथ डाक्ट्रेट की डीग्री हासिल की तथा पीजी कालेज में लेक्चरर रहें। उन्होने अपने कलाम, शायरी से अवाम में घुल मिल कर जो मोहब्बत पैदा की मुझे उम्मीद है कि वो लम्बे समय तक लोगों के दिलों में ज़िन्दा रहेगी।

उर्दू पढ़ाओ तहरीक के कन्वीनर मोहम्मद ओज़ैर अहमद गृहस्त ने कहा कि डा. राहत इन्दौरी ने उर्दू अदब से नई नसलों को जोड़ने का बड़ा काम किया। वह हमेशा दबे कुचले लोगो के लिये अपनी कलम से लड़ते रहे। उनके निधन से सबको झटका लगा है। डा. जय प्रकाश राय धूमकेतू ने कहा कि राहत इन्दौरी के निधन से सभी बहुत दुखी है। वह उर्दू अदब के एक बड़ी शख्सियत थे। जो जज़्बा और अदब का हुनर उनमें था उससे मैं यह कह सकता हूं कि आज के दौर का कबीर चला गया। मुल्क के बदलते हालात, जज़्बात को देखकर राहत शायरी करते थे। वह अवाम के भीतर कबीर की मशाल को लेकर चल रहे थे।

शोक सभा का संचालन इम्तेयाज़ नदीम ने किया। शोक सभा में अमीर हमज़ा आज़मी, डा. ज़्याउल्लाह आदि ने भी राहत इन्दौरी के प्रति खिराजे अकीदत पेश किया। सभी ने राहत साहब की शायरी पर चर्चा की और अपने उदागर प्रकट किये। शोक सभा में पालिका सभासदगण दिनेश सिंह, मोहम्मद आमीर, अब्दुस्सलाम शामियाना, नसीम अख्तर, शब्बीर अहमद एडवोकेट, सालिम अंसारी व्यवस्थापक पालकी सोशल ग्रुप, सईदुज़्जफर, राशिद ज़्या, ज़की महफूज़, सरफराज सिल्को़, साजिद गुफरान, पालकी सोशल ग्रुप के सक्रिय सदस्य मसूद अख्तर, अमीर फैसल, सरफराज़ अहमद आदि उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Condolence meeting on the death of Rahat Indori